राजनाथ सिंह ने सिंगापुर के रक्षा मंत्री से की द्विपक्षीय वार्ता, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के सेबू में 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) से इतर सिंगापुर के रक्षा मंत्री चान चुन सिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-सिंगापुर रक्षा संबंधों की समीक्षा की और सैन्य सहयोग को और मजबूत करने के नए अवसरों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों और मजबूत रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया गया।

रक्षा सहयोग की मौजूदा गतिविधियों की समीक्षा

दोनों रक्षा मंत्रियों ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में बढ़ती गति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने मौजूदा रक्षा गतिविधियों की समीक्षा की और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर चर्चा की। वार्ता में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।

तीनों सेनाओं के संयुक्त अभ्यास बढ़ाने पर जोर

वार्ता के दौरान थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यासों का दायरा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल, आपसी समझ और सहयोग को और मजबूत करना है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आसियान की केंद्रीय भूमिका पर जोर

राजनाथ सिंह ने स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत आसियान की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करता है और भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में सिंगापुर एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने की पहल

रक्षा मंत्री ने रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ावा देने के उद्देश्य से चान चुन सिंग को फरवरी 2027 में बेंगलुरु में आयोजित होने वाले ‘एयरो इंडिया 2027’ में भाग लेने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया। दोनों देशों के बीच रक्षा तकनीक और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर होगा।

2027 में एडीएमएम-प्लस की अध्यक्षता के लिए बधाई

राजनाथ सिंह ने सिंगापुर के रक्षा मंत्री को 2027 में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस की अध्यक्षता संभालने पर बधाई दी। उन्होंने चान चुन सिंग को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। (इनपुट: पीआईबी)

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