भारत में सीजेपी आंदोलन को मिल रही विदेशी फंडिंग: अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन 

अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में भारत में चल रहे युवाओं के नेतृत्व वाले ‘कॉकरोच’ आंदोलन को अमेरिकी डोनर्स से आर्थिक मदद मिल रही है। उन्होंने भारत में इस आंदोलन के खिलाफ शांतिपूर्ण जवाबी आंदोलन शुरू करने की भी अपील की है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब आंदोलन से जुड़े दो नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। रशिया टुडे (आरटी) के अनुसार, मिलबेन ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि कुछ अमेरिकी डोनर्स कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके आंदोलन को आर्थिक सहायता दे रहे हैं।

फंडिंग का तरीका क्या बताया गया?

मिलबेन के मुताबिक, कुछ डोनर्स अमेरिका में शिक्षित कार्यकर्ताओं को चुनते हैं ताकि वे अपने देशों में रूढ़िवादी नेताओं को चुनौती दे सकें। हालांकि, उन्होंने कथित फंडिंग करने वाले लोगों के नाम नहीं बताए और न ही अपने आरोपों के समर्थन में कोई वित्तीय प्रमाण पेश किया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके पहले भी विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। उनका कहना है कि आंदोलन के आयोजक और उनके दोस्त आपस में पैसे जुटाकर विरोध प्रदर्शनों का खर्च उठाते हैं।

मिलबेन का मोदी समर्थन और अपील

मैरी मिलबेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री अमेरिका से आने वाली विघटनकारी ताकतों के सामने झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने भारत के युवाओं से सीजेपी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन आयोजित करने की अपील की और कहा कि लोकतंत्र व स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए जवाबी आंदोलन जरूरी है। गौरतलब है कि जून 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान वाशिंगटन डीसी में भारतीय प्रवासियों के कार्यक्रम में मिलबेन ने भारत का राष्ट्रगान गाया था।

प्रदर्शन और गिरफ्तारियां

भारत में पिछले सप्ताह बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। विपक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। आपत्ति मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों को लेकर थी। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वे उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे जिन्होंने मध्य दिल्ली स्थित जंतर-मंतर में प्रवेश के लिए बैरिकेड्स पार किए थे। पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थलों की सूची से हटा दिया था।

भाजपा का आरोप 

सत्ताधारी भाजपा ने भी सीजेपी के नेताओं और विपक्षी राजनेताओं पर विदेशी ताकतों के इशारे पर देश को अस्थिर करने की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। (इनपुट-एजेंसी)