जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने गुरुवार को पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाइब्रिड बैठक की अध्यक्षता कर केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा हालात, कानून-व्यवस्था और ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में घुसपैठ रोकने, इलाके पर नियंत्रण मजबूत करने, खुफिया जानकारी साझा करने और आगामी कार्यक्रमों के दौरान शांति एवं जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा हुई।
पुलिस और सीएपीएफ के बीच तालमेल पर जोर
बैठक में जम्मू-कश्मीर पुलिस के विभिन्न रेंज, जिलों और विंग्स के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत और वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। इसके अलावा सीएपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया। डीजीपी ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत रखने पर जोर दिया।
घुसपैठ रोकने और खुफिया तंत्र मजबूत करने पर चर्चा
अधिकारियों के मुताबिक, बैठक में घुसपैठ रोकने के उपायों, संवेदनशील इलाकों में नियंत्रण, खुफिया सूचनाओं को साझा करने और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार निगरानी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। आगामी कार्यक्रमों को देखते हुए शांति और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमों की भी समीक्षा की गई।
हाई अलर्ट बनाए रखने के निर्देश
डीजीपी नलिन प्रभात ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीएपीएफ के बीच बेहतर तालमेल के साथ सक्रिय पुलिसिंग पर जोर दिया, ताकि शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।
ऑपरेशनल जरूरतों का किया गया आकलन
बैठक में जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे सुरक्षा उपायों और ऑपरेशनल जरूरतों का भी आकलन किया गया। हाइब्रिड बैठक के जरिए मैदानी स्तर पर तैनात अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सुरक्षा से जुड़े अपडेट साझा किए गए। हाइब्रिड व्यवस्था में कुछ अधिकारी एक स्थान पर मौजूद रहते हैं, जबकि अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल होते हैं।
पुलिसकर्मी की हत्या के बाद सुरक्षा चुनौती
31 जुलाई को अनंतनाग शहर में यात्रा ड्यूटी पर तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल आशिक कुरैशी की आतंकवादियों ने दिनदहाड़े हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद पूरे केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। इसके बाद कुलगाम जिले के केलम गांव में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले दो बाहरी मजदूरों की भी आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतकों की पहचान दीपक और भूपिंदर के रूप में हुई थी। दोनों की उम्र करीब 20 से 25 वर्ष थी और वे छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे।
स्वतंत्रता दिवस को लेकर सुरक्षा बढ़ाई गई
स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। 15 अगस्त को विभिन्न स्थानों पर परेड, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आधिकारिक समारोहों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।
बख्शी स्टेडियम में होगा मुख्य समारोह
श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समारोह की अध्यक्षता करेंगे। इससे पहले गुरुवार को बख्शी स्टेडियम में फुल-ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई, जिसमें कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने सलामी ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम किए हैं। (इनपुट: आईएएनएस)


