अमित शाह ने पत्तन सुरक्षा ब्यूरो की तैयारियों की समीक्षा की, बंदरगाहों और फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सुरक्षा मजबूत करने के दिए निर्देश

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को पत्तन सुरक्षा ब्यूरो (BoPS) के गठन में हुई प्रगति की समीक्षा की। बैठक में गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव, पत्तन, पोत परिवहन एवं जहाजरानी सचिव, मत्स्यपालन विभाग के सचिव, सीआईएसएफ के महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश की तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

BoPS के सुरक्षाकर्मियों का बनाया जाएगा डेटाबेस

अमित शाह ने निर्देश दिया कि BoPS में तैनात किए जाने वाले सभी सुरक्षाकर्मियों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि पत्तन सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान (PSTI) के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हुए सुरक्षाकर्मियों का प्रशिक्षण जल्द शुरू किया जाए। साथ ही जिन बंदरगाहों पर BoPS की सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी, वहां कंटेनर स्कैनिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

CISF से प्रशिक्षित निजी सुरक्षाकर्मियों की हो तैनाती

गृह मंत्री ने कहा कि बंदरगाहों की सुरक्षा का कार्य केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसियों को ही दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हीं निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए, जिन्हें सीआईएसएफ से प्रशिक्षण मिला हो। इसके अलावा सीआईएसएफ को विशाखापत्तनम पोर्ट, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और मुंद्रा पोर्ट जैसे प्रमुख बंदरगाहों पर जाकर BoPS को सौंपी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था का ट्रायल करने के निर्देश भी दिए गए।

वैधानिक निकाय के रूप में होगा BoPS का गठन

सरकार Merchant Shipping Act, 2025 की धारा 13 के तहत BoPS का गठन एक वैधानिक निकाय के रूप में कर रही है। इसका नेतृत्व महानिदेशक करेंगे और यह पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अधीन कार्य करेगा। BoPS जहाजों और बंदरगाहों की सुरक्षा से जुड़े नियामक और निरीक्षण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगा। साथ ही सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के विश्लेषण, संग्रहण और आदान-प्रदान के अलावा साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान देगा तथा बंदरगाहों की आईटी अवसंरचना की सुरक्षा के लिए समर्पित प्रभाग भी स्थापित किया जाएगा।

फिशिंग हार्बर्स और फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सुरक्षा पर जोर

अमित शाह ने मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों के साथ अलग बैठक कर फिशिंग हार्बर्स और फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ISRO द्वारा विकसित ‘नभमित्र’ ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नाविक इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकें। उन्होंने सभी जिलों के डीएम और एसपी से फिश लैन्डिंग सेंटर्स की सूची उपलब्ध कराने तथा मत्स्यपालकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के भी निर्देश दिए।

फिश लैन्डिंग सेंटर्स पर स्थायी पुलिस बल की तैनाती के निर्देश

गृह मंत्री ने जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि सभी फिश लैन्डिंग सेंटर्स पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर स्थायी पुलिसकर्मियों की नियुक्ति हो, ताकि तटीय सुरक्षा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। (इनपुट: पीआईबी)