यूपी के खुर्जा में ‘अनोखी दुनिया’ पार्क का शुभारंभ, सिरेमिक वेस्ट से बनी कलाकृतियों का प्रदर्शन

वेस्ट से आर्ट को बढ़ावा देने की दिशा में आज शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के खुर्जा में ‘अनोखी दुनिया’ नामक पार्क का उद्घाटन किया गया। इस अनोखे पार्क में खासतौर पर सिरेमिक वेस्ट से बनी विभिन्न कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है बल्कि ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पर आधारित कला को नई पहचान भी देती है।

जब टाइल्स, ईंट, बर्तन, सजावटी सामान और सैनिटरी प्रोडक्ट बनाए जाते हैं तो उनका एक बड़ा हिस्सा टूट-फूट, खराब क्वालिटी या अधूरा होने के कारण फेंक दिया जाता है। यही सिरेमिक वेस्ट कहलाता है। इसमें मुख्य रूप से टूटी हुई टाइलें, अधूरी या खराब बनी सिरेमिक वस्तुएं, उत्पादन के दौरान निकला स्क्रैप और पाउडर शामिल होते हैं। इन वेस्ट को अब रिसाइकल करके पार्क, सड़क, सजावटी सामान और आर्टवर्क बनाने में भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण (बीकेडीए) के उपाध्यक्ष डॉ. अंकुर लाठर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “खुर्जा ने विश्व स्तर पर अपने बेहतरीन सिरेमिक उत्पादों के लिए पहचान बनाई है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पार्क तैयार किया गया है, जहां सिरेमिक वेस्ट को शानदार कलाकृतियों में बदला गया है।”

इसी बीच केंद्र सरकार ने 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025 तक ‘विशेष अभियान 5.0’ की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य ई-वेस्ट प्रबंधन नियम 2022 (पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय) के तहत उत्पन्न ई-वेस्ट का निपटान करना, स्पेस मैनेजमेंट और फील्ड ऑफिसों में कार्यस्थल अनुभव को बेहतर बनाना है। इससे पहले 2 अक्टूबर 2024 से 31 अगस्त 2025 तक चले ‘विशेष अभियान 4.0’ ने स्वच्छता, वेस्ट मैनेजमेंट और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को लेकर एक ऊंचा मानक स्थापित किया था।

इस अभियान में कोयला मंत्रालय (MoC) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। डीएआरपीजी की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने स्पेस फ्रीड कैटेगरी में पहला स्थान और राजस्व अर्जित करने में चौथा स्थान हासिल किया। मंत्रालय ने 100% जनता की शिकायतों और पीएमओ रेफरेंस का निपटान किया। इसके अलावा 71,632 फाइलों की समीक्षा और 69,227 फाइलों को हटाया गया। मंत्रालय ने सोशल मीडिया का भी व्यापक इस्तेमाल किया और 2,163 ट्वीट, 1,137 प्रेस विज्ञप्तियां और 61 पीआईबी बयान जारी किए, जिससे अभियान की उपलब्धियां और पहलों को व्यापक स्तर पर उजागर किया गया। -(ANI)