तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को गुरुवार को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की राज्यसभा सांसद और बंगाली सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री रुक्मिणी मलिक (कोयल मलिक) ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। कोयल मलिक ने मात्र तीन महीने पहले, 6 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी। टीएमसी ने उन्हें नामित किया था, लेकिन अब उनके अचानक इस्तीफे ने पार्टी में हलचल मचा दी है और पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
पार्टी में बढ़ती अस्थिरता
कोयल मलिक का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब टीएमसी पहले से ही अंदरूनी कलह और विभाजन की खबरों से जूझ रही है। ‘असली टीएमसी’ को लेकर ममता बनर्जी गुट और रितब्रत बनर्जी के बागी गुट के बीच कानूनी और राजनीतिक लड़ाई चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा टीएमसी के लिए न सिर्फ सांस्कृतिक चेहरे के नुकसान का प्रतीक है, बल्कि पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों को और मजबूत करता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कोयल मलिक ने इस्तीफा देने के पीछे क्या वजह बताई है, लेकिन उनका यह कदम पश्चिम बंगाल की सियासी गलियारों में तीखी बहस छेड़ने वाला साबित हो रहा है।
टॉलीवुड की स्टार से राजनीति तक
राजनीति में आने से पहले कोयल मलिक बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की सबसे लोकप्रिय और सफल अभिनेत्रियों में शुमार थीं। उन्हें टॉलीवुड की ‘टॉली क्वीन’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने साल 2003 में सुपरहिट फिल्म ‘नेटर गुरु’ से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद ‘बंधन’ (2004), ‘शुभदृष्टि’ (2005), ‘पागलू’ (2011), ‘हेमलॉक सोसाइटी’ (2012) और ‘मितिन माशी’ थ्रिलर सीरीज जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई।अपने शानदार अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड (बांग्ला), दो बीएफजेए अवॉर्ड और वर्ष 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार का प्रतिष्ठित ‘महानायक सम्मान’ समेत कई सम्मान मिल चुके हैं।वे बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रंजीत मलिक और दीपा मलिक की बेटी हैं। (इनपुट-एजेंसी)


