भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने गुरुवार को नई दिल्ली में आसियान देशों की 11 महिला सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सम्मानित किया और संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के महत्व पर चर्चा की। ये महिला सैन्य अधिकारी सेंटर फॉर यूनाइटेड नेशन पीस कीपिंग (सीयूएनपीके) द्वारा आयोजित आसियान-संयुक्त राष्ट्र महिला सैन्य अधिकारी पाठ्यक्रम में हिस्सा ले रही हैं।
शांति अभियानों में महिला भागीदारी की सराहना
जनरल सेठ ने पाठ्यक्रम में शामिल आसियान देशों की 11 महिला सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय महिला सैन्य अधिकारियों से भी बातचीत की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के प्रति अधिकारियों की प्रतिबद्धता और उनके योगदान की सराहना की। सेना प्रमुख ने शांति अभियानों में महिलाओं की भूमिका को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण, अनुभव और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
10 से 21 अगस्त तक प्रशिक्षण
विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का आयोजन 10 से 21 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिला सैन्य अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में संभावित तैनाती से पहले आवश्यक प्रशिक्षण और व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों की कार्यप्रणाली, जिम्मेदारियों और विभिन्न परिचालन पहलुओं से अवगत कराया जा रहा है।
भारत-आसियान रक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल भारत और आसियान देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस पाठ्यक्रम की घोषणा रक्षा मंत्री ने 2025 में कुआलालंपुर में आयोजित तीसरी भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान की थी। पहल के जरिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की भूमिका और भागीदारी बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।
सैन्य क्षमता निर्माण पर जोर
पाठ्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य आसियान देशों और भारत के बीच सैन्य प्रशिक्षण तथा अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना भी है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों की चुनौतियों से निपटने, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप काम करने और विभिन्न देशों की सैन्य इकाइयों के साथ समन्वय स्थापित करने से संबंधित जानकारी दी जा रही है।
शांति अभियानों में भारत की सक्रिय भूमिका
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। भारतीय सैन्य कर्मियों की विभिन्न देशों में शांति अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। ऐसे में महिला सैन्य अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर भारत महिला भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ ही शांति अभियानों के लिए आवश्यक पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
साझा क्षमताएं विकसित करने की पहल
रक्षा सहयोग के लिहाज से यह पाठ्यक्रम भारत-आसियान संबंधों में महिला सैन्य अधिकारियों की भूमिका बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके जरिए संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए साझा क्षमताएं विकसित करने, प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने और सैन्य अनुभवों के आदान-प्रदान को संस्थागत रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। भारत और आसियान देशों के बीच इस तरह का सहयोग क्षेत्रीय रक्षा संबंधों को भी नई मजबूती दे सकता है। (इनपुट: आईएएनएस)


