सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों को नई मजबूती देने वाली रणनीतिक पहल के रूप में उभरी। 16 से 19 फरवरी तक चले इस आधिकारिक दौरे में दोनों देशों के बीच ऑपरेशनल समन्वय और सामरिक साझेदारी को गहराई देने पर जोर रहा।
गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ भव्य स्वागत
कैनबरा स्थित रसेल कार्यालय में जनरल द्विवेदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सजी-धजी सैन्य टुकड़ियों और सैन्य बैंड के बीच हुआ यह स्वागत भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों की गहराई और आपसी सम्मान को दर्शाता है।
ज्वाइंट ऑपरेशंस कमान में रणनीतिक चर्चा
दौरे के दौरान जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ ज्वाइंट ऑपरेशंस वाइस एडमिरल जस्टिन जोन्स से ज्वाइंट ऑपरेशंस कमान मुख्यालय में मुलाकात की। यहां उन्हें एकीकृत कमान एवं नियंत्रण ढांचे, रियल-टाइम ऑपरेशनल निगरानी और त्वरित समन्वय तंत्र की विस्तृत जानकारी दी गई।
हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर मंथन
सेना प्रमुख की भेंट ऑस्ट्रेलिया के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स एडमिरल डेविड जॉनस्टन से भी हुई। वार्ता में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों, सामरिक तालमेल और भविष्य की संयुक्त तैयारियों पर गंभीर चर्चा की गई। इससे स्पष्ट संकेत मिला कि दोनों देश संवाद से आगे बढ़कर ठोस ऑपरेशनल सहयोग की दिशा में काम कर रहे हैं।
पुरानी सैन्य पृष्ठभूमि, नई रणनीतिक समझ
ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल साइमन स्टुअर्ट से मुलाकात भी यात्रा का अहम पड़ाव रही। उल्लेखनीय है कि दोनों अधिकारी वर्ष 2015 में संयुक्त राज्य अमेरिका के मिलिटरी वॉर कॉलेज में सहपाठी रह चुके हैं। यह साझा पृष्ठभूमि अब दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक समझ और विश्वास को और मजबूत बना रही है। बातचीत में संयुक्त अभ्यासों के विस्तार और क्षेत्रीय स्थिरता पर साझा दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया।
ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि
दौरे का भावनात्मक क्षण तब आया, जब जनरल द्विवेदी ने ऑस्ट्रेलियाई युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर ‘लास्ट पोस्ट’ समारोह में भाग लिया। शहीद सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि ने दोनों देशों की सेनाओं के साझा मूल्यों—सम्मान, समर्पण और बलिदान—को रेखांकित किया।
नए चरण में रक्षा संबंध
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह यात्रा संकेत देती है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा संबंध अब नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं, जहां साझा रणनीति, संयुक्त तैयारी और गहरा विश्वास भविष्य की साझेदारी की मजबूत नींव बन रहे हैं। (इनपुट: आईएएनएस)


