केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को वैश्विक इंटरनेट डेटा का अगला बड़ा केंद्र बनाया जा सकता है और सरकार इस पहल के लिए पूरा सहयोग देगी।
उन्होंने कहा, “अंडमान और निकोबार द्वीप रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण स्थान पर हैं। सिंगापुर पहले से ही ओवरलोड है। तो क्यों न हम अंडमान को वैश्विक इंटरनेट डेटा ट्रांसफर का नया केंद्र बनाएं? भारत सरकार की ओर से इस पहल को पूरा समर्थन दिया जाएगा।”
वैष्णव ने यह बात ‘भारत एआई शक्ति’ कार्यक्रम में कही, जिसे गूगल ने आयोजित किया था। यह कार्यक्रम आगामी ‘इंडिया एआई समिट’ से पहले आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि अंडमान द्वीप गूगल और अन्य इंटरनेट आधारित संगठनों को दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अन्य क्षेत्रों से जोड़ने में मदद कर सकते हैं, जहां नए डेटा कैपेसिटी की ज़रूरत है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार विजाग से सिटवे (म्यांमार) तक डिजिटल लिंक बनाने पर भी विचार कर रही है, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों की डिजिटल कनेक्टिविटी मज़बूत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि म्यांमार से मिज़ोरम तक केबल विस्तार एक बड़ा कदम होगा, क्योंकि रेलवे लाइन सैरांग तक पूरी हो चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर म्यांमार सीमा तक विस्तार का काम चल रहा है।
वैष्णव ने कहा कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में एआई सेवाएं एक तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र हैं और उन्होंने गूगल से इस क्षेत्र में प्रतिभा और रोजगार के अवसर बढ़ाने का आग्रह किया।
उन्होंने गूगल के नए टीपीयू (Tensor Processing Unit) को एनवीडिया के जीपीयू (Graphics Processing Unit) के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए भारत एआई मिशन के तहत साझा कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर में शामिल करने का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि एआई हब भारत एआई मिशन के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। तेजी से बदलती एआई तकनीक के दौर में आईटी पेशेवरों के लिए बड़े पैमाने पर स्किल डेवलपमेंट और री-स्किलिंग ज़रूरी है, जिसमें उन्होंने गूगल से सहयोग की अपील की।
गूगल ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम (विजाग) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने की घोषणा की है, जिससे भारत में एआई आधारित बदलाव को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
यह लगभग 15 बिलियन डॉलर (2026–2030) का निवेश गूगल का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है और यह भारत सरकार के विकसित भारत विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य एआई आधारित सेवाओं के विस्तार को बढ़ावा देना है।


