केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव कल यानी गुरुवार को नई दिल्ली में NIELIT डिजिटल यूनिवर्सिटी (NDU) प्लेटफॉर्म का शुभारंभ करेंगे। यह प्लेटफॉर्म उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल शिक्षा को लोकतांत्रिक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है और युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस, सेमीकंडक्टर और संबंधित क्षेत्रों जैसे उभरती तकनीकों में कौशल प्रदान करेगा। इसमें लचीले डिजिटल लर्निंग मॉडल और वर्चुअल लैब्स शामिल होंगे, जिससे छात्र भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो सकेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पांच नए NIELIT केंद्रों का भी वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। ये केंद्र मुजफ्फरपुर (बिहार), बालासोर (ओडिशा), तिरुपति (आंध्र प्रदेश), लुंगलई (मिजोरम) और दमन (दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव) में स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के साथ NIELIT भारत के तकनीकी भविष्य को आकार देने की दिशा में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा। कार्यक्रम में “शिक्षा के डिजिटलीकरण में AI की भूमिका” विषय पर एक पैनल चर्चा होगी जिसमें उद्योग और शिक्षाविदों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके साथ ही, NIELIT और Kyndryl द्वारा संयुक्त रूप से संचालित विकास, सुरक्षा, तैनाती (DevSecOps) कोर्स के शीर्ष छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। इसी दौरान प्रमुख उद्योग साझेदारों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच कई समझौतों पर (MoUs) भी हस्ताक्षरित किए जाएंगे, जिससे उद्योग-शिक्षा सहयोग को और मजबूत किया जा सके।
इस आयोजन में पूरे भारत से 1,500 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें NIELIT के छात्र, शिक्षाविद और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल होंगे। साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल भी होंगे, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्र में NIELIT की क्षमता और स्किलिंग मॉडल को प्रदर्शित करेंगे। NIELIT, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत एक स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है, देशभर में 56 केंद्रों, 750 से अधिक मान्यता प्राप्त संस्थानों और 9,000+ फेसीलिटेशन केंद्रों के माध्यम से डिजिटल सशक्तिकरण और कौशल विकास में अग्रणी रहा है। लाखों छात्रों को अब तक उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित और प्रमाणित किया जा चुका है।
NIELIT को शिक्षा मंत्रालय द्वारा “डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी” का दर्जा प्रदान किया गया है। इसका मुख्य परिसर रूपनगर (पंजाब) में है और 11 सहायक परिसर आइजोल, अगरतला, औरंगाबाद, कालीकट, गोरखपुर, इम्फाल, ईटानगर, अजमेर (केकरी), कोहिमा, पटना और श्रीनगर में स्थित हैं। यह संस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स और आईसीटी क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का उपयोग करके उच्च शिक्षा में क्रांति लाने का लक्ष्य रखता है।-(PIB)


