शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के आर्थिक और विदेश व्यापार गतिविधियों के लिए जिम्मेदार मंत्रियों की 25वीं बैठक 17 सितंबर 2026 को ताजिकिस्तान के दुशांबे में आयोजित की गई।
बैठक में SCO सदस्य देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों के क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की गई और SCO के ढांचे के भीतर व्यापार एवं आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
भारत की ओर से अपने संबोधन में यशवीर सिंह ने SCO की महत्वपूर्ण आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंट्रा-SCO व्यापार बढ़ाकर, व्यापार लागत कम करके, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करके और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाकर इस क्षमता को ठोस परिणामों में बदलना महत्वपूर्ण है।
बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए भारत ने ‘सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर’ के तीन स्तंभों पर प्रकाश डाला। भारत ने आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, प्रभावी और विश्वसनीय कनेक्टिविटी विकसित करने तथा बाजार तक अधिक पहुंच के माध्यम से कारोबार के लिए अवसरों का विस्तार करने में इनके आर्थिक महत्व को रेखांकित किया।
भारत ने व्यापार से जुड़ी लागत और समय को कम करने में व्यापार सुगमता और डिजिटलीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। इस संदर्भ में भारत ने सरल सीमा शुल्क प्रक्रियाओं, पेपरलेस व्यापार और दस्तावेजों के इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान के साथ-साथ मजबूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और ट्रांजिट समय को कम करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
भारत ने कृषि, महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और उन्हें मजबूत करने के लिए SCO सदस्य देशों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में बढ़े हुए सहयोग की संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया।
क्षेत्रीय और वैश्विक व्यापार में छोटे कारोबारों की अधिक प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के महत्व को स्वीकार करते हुए भारत ने डिजिटल भुगतान, सीमा-पार भुगतान और सुलभ व्यापार वित्त की भूमिका पर जोर दिया, विशेष रूप से MSME और स्टार्ट-अप के लिए। भारत ने वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में SCO अर्थव्यवस्थाओं की अधिक भागीदारी का भी आह्वान किया और WTO को केंद्र में रखते हुए एक खुले, समावेशी और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मंत्रियों ने ‘शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के विदेश आर्थिक और विदेश व्यापार गतिविधियों के लिए जिम्मेदार मंत्रियों का वक्तव्य’ अपनाया।
मंत्रियों ने ‘शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए 2026-2030 की कार्य योजना’ पर सहमति जताई, जिसे SCO सदस्य देशों की शासनाध्यक्षों (प्रधानमंत्रियों) की परिषद द्वारा आगे अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
मंत्रियों ने ‘रचनात्मक अर्थव्यवस्था के विकास पर शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के विशेष कार्य समूह के विनियम’ को भी मंजूरी दी।
मंत्रियों ने SCO बिजनेस काउंसिल के प्रतिनिधि द्वारा परिषद की गतिविधियों के संबंध में दी गई जानकारी पर ध्यान दिया। उन्होंने SCO के आर्थिक विश्लेषण केंद्रों के कंसोर्टियम के कामकाज पर ताजिक पक्ष द्वारा दी गई जानकारी पर भी ध्यान दिया।
मंत्रियों ने कहा कि अगली मंत्रिस्तरीय बैठक 2027 में उज्बेकिस्तान गणराज्य में आयोजित की जाएगी।
(PIB)


