राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) की कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹16 लाख करोड़ के पार पहुंच गई हैं। यह जानकारी वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को दी।
सरकार के मुताबिक, इन दोनों प्रमुख पेंशन निवेश योजनाओं के सब्सक्राइबर की संख्या भी अब 9 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है, जो भारत की पेंशन यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। वित्त मंत्रालय ने कहा, “भारत की पेंशन योजना ने एक नया मुकाम हासिल किया है। जुड़ने वालों की संख्या अब 9 करोड़ से ज़्यादा हो गई है।”
पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने हाल ही में कई नई पहलें शुरू की हैं, जिनसे NPS को और मजबूत किया जा सके और पेंशन समावेशन को बढ़ाया जा सके।
इन पहलों में मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) शामिल है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ है और निवेशकों को अधिक निवेश विकल्प उपलब्ध कराता है।
इसके अलावा, NPS प्लेटफॉर्म वर्कर्स मॉडल गिग वर्कर्स को कवर करेगा। साथ ही NPS ओवरहॉल कंसल्टेशन पेपर में ग्रेडेड पेआउट्स और फ्लेक्सिबल एन्युटी ऑप्शंस जैसे सुधार प्रस्तावित हैं, ताकि रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। PFRDA ने किसानों, एमएसएमई वर्कर्स, स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों और अन्य अनौपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों तक योजना के दायरे को बढ़ाने के लिए टार्गेटेड आउटरीच ड्राइव भी शुरू की है।
सरकार ने कहा कि यह उपलब्धि PFRDA के समावेशन, लचीलापन और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा पर फोकस को दर्शाती है। इससे पहले, पिछले महीने सरकार ने संसद को बताया था कि NPS वत्सल्या योजना के तहत अब तक 1.3 लाख नाबालिगों का पंजीकरण किया जा चुका है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि सितंबर 2024 से 3 अगस्त 2025 के बीच 1.3 लाख नाबालिग सब्सक्राइबर इस योजना में शामिल हुए।
NPS-वात्सल्या योजना बच्चों के लिए एक रिटायरमेंट सेविंग्स प्लान है, जो जल्दी बचत की आदत और भविष्य की वित्तीय सुरक्षा को प्रोत्साहित करती है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत, धारा 80CCD(1B) के अंतर्गत माता-पिता या अभिभावक द्वारा NPS-वात्सल्या में किए गए योगदान पर ₹50,000 तक की टैक्स छूट की सुविधा भी दी गई है।


