अमेरिका के फ्लोरिडा से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुआ Axiom-4 मिशन, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पायलट की भूमिका में

एक्सिओम स्पेस का चौथा निजी अंतरिक्ष मिशन Axiom-4 आज सफलतापूर्वक अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित NASA के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुआ। यह लॉन्च भारतीय समयानुसार दोपहर 12 बजे और स्थानीय समय 2:31 AM (ET) पर हुआ। मिशन को SpaceX के नए ड्रैगन अंतरिक्ष यान लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए के जरिये रवाना किया गया। इस मिशन में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पायलट की भूमिका निभा रहे हैं। वह ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के अंतरिक्ष यात्री हैं। मिशन की कमान NASA की पूर्व अंतरिक्ष यात्री और Axiom Space की मानव अंतरिक्ष उड़ान निदेशक पेगी व्हिटसन के हाथों में है। उनके साथ मिशन विशेषज्ञों के रूप में स्लावोस्ज उजनांस्की-विस्निवेस्की (पोलैंड, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी) और तिबोर कपू (हंगरी) शामिल हैं।

Axiom-4 मिशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से 26 जून, गुरुवार को सुबह 7 बजे ET (भारतीय समयानुसार शाम 4 बजे) डॉकिंग करेगा। डॉकिंग के बाद, चारों अंतरिक्ष यात्री लगभग 14 दिन तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहेंगे और विज्ञान, शिक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़ी परियोजनाओं पर कार्य करेंगे। यह मिशन Axiom का अब तक का सबसे वैज्ञानिक रूप से समृद्ध निजी अंतरिक्ष अभियान है। मिशन में कुल 60 वैज्ञानिक प्रयोग और अध्ययन किए जाएंगे, जो 31 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, पोलैंड, हंगरी, सऊदी अरब, ब्राजील, नाइजीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और कई यूरोपीय देश शामिल हैं। ये अध्ययन अंतरिक्ष में जीवन, जैविक प्रक्रियाओं और तकनीकी व्यवहार को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।NASA और ISRO इस मिशन में संयुक्त रूप से कई अनुसंधान कर रहे हैं। इन अध्ययनों में मांसपेशियों की पुनरुत्पत्ति (muscle regeneration), खाद्य सूक्ष्म शैवाल (edible microalgae) और अंकुरों की वृद्धि, सूक्ष्म जलीय जीवों का अंतरिक्ष में अस्तित्व, और अंतरिक्ष में इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले के साथ मानव सहभागिता पर अध्ययन शामिल है।

इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री एक्सिओम एक्स्ट्रावेहिकुलर मोबिलिटी यूनिट (AxEMU) नामक नई पीढ़ी का स्पेससूट पहन रहे हैं। यह सूट चंद्रमा और अंतरिक्ष में बेहतर सुरक्षा और काम करने की सुविधा प्रदान करता है। यह अत्याधुनिक तकनीक NASA की आवश्यकताओं के अनुसार विकसित की गई है और विभिन्न शारीरिक आकारों वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए उपयुक्त है। एक्सिओम स्पेस इससे पहले तीन निजी मिशन सफलतापूर्वक कर चुका है। पहला मिशन Axiom-1 अप्रैल 2022 में हुआ था जिसमें मिशन 17 दिन चला। दूसरा मिशन Axiom-2 मई 2023 में हुआ, जिसकी कमान भी पेगी व्हिटसन ने संभाली और मिशन 8 दिन चला। तीसरा मिशन Axiom-3 जनवरी 2024 में लॉन्च हुआ था जिसमें अंतरिक्ष यात्री 18 दिन तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़े रहे। NASA पिछले 24 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर निरंतर मानव उपस्थिति बनाए हुए है। यह स्टेशन विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का वैश्विक केंद्र बन चुका है, जहां ऐसे अनुसंधान संभव होते हैं जो पृथ्वी पर नहीं किए जा सकते। -(ANI)

RELATED ARTICLES

30/05/26 | 12:43 pm | Bodh Gaya Myanmar President welcome

बोधगया पहुंचे म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग, राज्यपाल हसनैन ने किया स्वागत

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने अपने भारत दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया से की, जहां उ...

30/05/26 | 11:47 am | Ajit Doval Moscow security forum

आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख, सीमा पार समर्थन देने वाले देशों पर वैश्विक कार्रवाई की अपील

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर क...