बांग्लादेश में 5.5 तीव्रता का भूकंप, ढाका से लेकर पश्चिम बंगाल तक महसूस हुए झटके

बांग्लादेश में आज शुक्रवार को सुबह जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक यह भूकंप नरसिंदी के पास आया जिसकी तीव्रता 5.5 मापी गई। भूकंप सुबह 10:08 बजे (IST) दर्ज हुआ, जबकि ढाका में करीब 10:40 बजे तक इसके तेज झटके महसूस किए गए। वहीं भूकंप के झटके भारत के पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में भी महसूस किए गए। हालांकि अब तक किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है और प्रशासन की ओर से भी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

बता दें कि पिछले महीने अक्टूबर में भी बांग्लादेश में 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने दी थी। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के उथले भूकंप अधिक झटके महसूस कराते हैं क्योंकि भूकंपीय तरंगें सतह तक कम दूरी तय करके पहुंचती हैं। ग्लोबल डेटा के मुताबिक दुनिया में हर 30 सेकंड में कहीं न कहीं भूकंप आता है, हालांकि उनमें से ज्यादातर इतने कमजोर होते हैं कि महसूस नहीं होते। द डेली स्टार की रिपोर्ट में USGS के आंकड़ों के आधार पर बताया गया कि 4.0 तीव्रता का भूकंप लगभग 6 टन TNT ऊर्जा के बराबर होता है, जबकि 5.0 तीव्रता वाला भूकंप करीब 200 टन TNT जितनी ऊर्जा छोड़ता है। तीव्रता बढ़ने पर ऊर्जा कई गुना बढ़ जाती है-7.0 तीव्रता का भूकंप करीब 1,99,000 टन TNT और 9.0 तीव्रता का भूकंप लगभग 9.9 करोड़ टन TNT ऊर्जा छोड़ता है, जो लगभग 25,000 परमाणु बमों के बराबर है। बांग्लादेश तीन सक्रिय टेक्टॉनिक प्लेटों-भारतीय, यूरेशियन और बर्मा प्लेट के मिलन बिंदु पर स्थित है। भारतीय प्लेट हर साल लगभग 6 सेमी उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ती है, जबकि यूरेशियन प्लेट लगभग 2 सेमी उत्तर की ओर खिसकती है। इस वजह से यह देश कई प्रमुख फॉल्ट लाइनों के पास आता है, जिनमें बोगुरा फॉल्ट, त्रिपुरा फॉल्ट, शिलांग पठार, दाउकी फॉल्ट और असम फॉल्ट शामिल हैं।

यह क्षेत्र कुल 13 भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में आता है, जिनमें चटोग्राम, चटोग्राम हिल ट्रैक्ट्स और सिलहट के जैंतियापुर सबसे उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। ढाका की आबादी घनत्व 30,000 से अधिक प्रति वर्ग किलोमीटर है, और द डेली स्टार के अनुसार यह दुनिया के 20 सबसे भूकंप-संवेदनशील शहरों में शामिल है।-(Input with ANI)