भारतीय तटरक्षक बल ने 30 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में इटली की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनी फिनकैंटिएरी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान भविष्य की परियोजनाओं के लिए भारतीय शिपयार्ड्स के साथ सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई।
उन्नत जहाज डिजाइन पर जोर
बैठक में उन्नत डिजाइन विशेषताओं पर विशेष ध्यान दिया गया, जिनमें खराब समुद्री परिस्थितियों के लिए मजबूत हल, बेहतर बॉलार्ड पुल, एकीकृत अग्निशमन प्रणाली और हाइब्रिड/इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन शामिल हैं। इसके साथ ही मॉड्यूलर जहाज डिजाइन पर भी चर्चा हुई, जिससे बहु-भूमिका वाले और तेजी से अनुकूलन योग्य प्लेटफॉर्म विकसित किए जा सकें।
आत्मनिर्भर भारत के तहत तकनीकी सहयोग
दोनों पक्षों ने आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी और सह-विकसित तकनीकों पर जोर दिया। इसमें डायनामिक पोजिशनिंग सिस्टम, उन्नत थ्रस्टर्स, एआई-आधारित निर्णय सहायता प्रणाली और एंटी-ड्रोन तकनीक जैसी क्षमताएं शामिल हैं।
ग्रीन प्रोपल्शन और भविष्य की तकनीक पर चर्चा
वार्ता में अगली पीढ़ी के ग्रीन प्रोपल्शन सिस्टम और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने वाली आधुनिक तकनीकों को विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। यह सहयोग भारत की समुद्री क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी
इतालवी प्रतिनिधिमंडल ने तटरक्षक महानिदेशक परमेश शिवमणि से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में इटली दूतावास की काउंसलर अन्ना रफिनो और फिनकैंटिएरी के सैन्य नौसेना पोत प्रभाग के प्रमुख यूजीनियो सैंटागाटा शामिल थे।
समुद्री सुरक्षा सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
यह वार्ता जहाज निर्माण, समुद्री प्रौद्योगिकी और क्षमता विकास के क्षेत्रों में भारत-इटली सहयोग को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी। (इनपुट: पीआईबी)


