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रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माण को बढ़ावा, सरकार की बड़ी पहल

देश में रेयर अर्थ मैग्नेट निर्माण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Ministry of Heavy Industries ने 7,280 करोड़ रुपये की योजना के तहत प्री-बिड कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें 25 कंपनियों ने हिस्सा लिया।

यह कॉन्फ्रेंस “सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM)” निर्माण योजना के लिए आयोजित की गई थी। इसमें कंपनियों को योजना की जानकारी, टेंडर प्रक्रिया और नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया।

सरकार ने बताया कि कंपनियां 22 अप्रैल 2026 तक अपने सवाल ईमेल के जरिए भेज सकती हैं, जबकि अंतिम बोली जमा करने की तारीख 28 मई 2026 तय की गई है।

इस योजना के तहत अधिकतम 5 कंपनियों का चयन किया जाएगा। हर कंपनी 1,200 मीट्रिक टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता वाली यूनिट लगाएगी, जिससे कुल 6,000 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य पूरा होगा।

चयन प्रक्रिया दो चरणों में ऑनलाइन होगी और “Least Cost Selection (LCS)” के आधार पर कंपनियों का चयन किया जाएगा। इसमें कंपनियों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी जमा करनी होगी।

सरकार की यह योजना देश में रेयर अर्थ मैग्नेट के पूरे उत्पादन चक्र को विकसित करने पर केंद्रित है — यानी कच्चे माल से लेकर तैयार मैग्नेट तक।

रेयर अर्थ मैग्नेट इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

सरकार का मानना है कि इस योजना से देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता कम होगी और भारत इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।

गौरतलब है कि सरकार पहले ही बता चुकी है कि भारत के पास करीब 8.52 मिलियन टन रेयर अर्थ संसाधन मौजूद हैं, लेकिन अभी भी इनके उत्पादन और प्रोसेसिंग में चुनौतियां हैं।

-(इनपुटःएजेंसी)