आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) 5.0 के तहत अब तक 4.11 लाख से ज्यादा गारंटी जारी की जा चुकी हैं। इसके तहत गारंटी राशि 1.55 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गई है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई 2026 को ईसीएलजीएस 5.0 को मंजूरी दी थी। इस योजना का उद्देश्य कारोबारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना और नकदी से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद करना है।
यह योजना विशेष रूप से पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति से प्रभावित कारोबारों को राहत देने के लिए तैयार की गई है। इसके जरिए वित्तीय संस्थानों को अतिरिक्त कर्ज देने में मदद मिल रही है।
योजना के तहत एमएसएमई को दिए जाने वाले अतिरिक्त कर्ज पर 100 प्रतिशत और अन्य व्यापारिक क्षेत्रों के लिए 90 प्रतिशत तक गारंटी कवर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कारोबारों को कर्ज देने में आसानी हो रही है।
शुरुआत के बाद से ईसीएलजीएस 5.0 के तहत 4,11,497 गारंटी जारी की गई हैं और कुल गारंटी राशि 1,55,229 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है।
इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ छोटे और मध्यम उद्योगों को मिला है। जारी की गई कुल गारंटी की संख्या में से 98 प्रतिशत एमएसएमई क्षेत्र के लिए हैं, जबकि कुल गारंटी राशि का 82 प्रतिशत हिस्सा भी इसी क्षेत्र को मिला है।
योजना की जानकारी ज्यादा से ज्यादा कारोबारों तक पहुंचाने के लिए वित्तीय सेवा विभाग की ओर से देशभर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
पहले चरण में 20 मई से 6 जून 2026 के बीच नौ स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें बैंक, उद्योग संगठन और संबंधित संस्थाओं ने भाग लिया।
दूसरे चरण के तहत 10 स्थानों पर कार्यक्रम किए जा रहे हैं, जिनमें से चार पूरे हो चुके हैं।
सरकार का कहना है कि ईसीएलजीएस 5.0 कारोबारों को मजबूत वित्तीय सहायता देने और छोटे उद्यमियों को चुनौतियों के समय आगे बढ़ने में मदद करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


