विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बेरेस के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और बढ़ती आर्थिक साझेदारी के आधार पर भारत–स्पेन संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की जरूरत
बैठक में अपनी शुरुआती टिप्पणी में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है और साझा चुनौतियों पर मिलकर काम करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि यह बात खासतौर पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर लागू होती है, जिसके शिकार भारत और स्पेन दोनों रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए।
साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित संबंध
जयशंकर ने कहा कि भारत और स्पेन के बीच गर्मजोशी भरे और दोस्ताना संबंध हैं, जिनकी नींव साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, बहुपक्षवाद और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति सम्मान पर टिकी है।
राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष
उन्होंने बताया कि भारत और स्पेन वर्ष 2026 में राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे। इसके साथ ही दोनों देश संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को समर्पित दोहरे वर्ष का आयोजन भी करेंगे, जो भविष्य-उन्मुख सहयोग और सांस्कृतिक विरासत के संयोजन को दर्शाता है।
भारत का एआई दृष्टिकोण इंसान-केंद्रित, समावेशी, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग पर आधारित
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अगले महीने ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ की मेजबानी करेगा। भारत का एआई दृष्टिकोण इंसान-केंद्रित, समावेशी, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग पर आधारित है, जो यूरोप के नजरिए से काफी मेल खाता है।
आर्थिक साझेदारी मजबूत स्तंभ
जयशंकर ने कहा कि आर्थिक सहयोग भारत–स्पेन संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। स्पेन, यूरोपीय संघ में भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है और हाल के वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार 8 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर चुका है।
निवेश और व्यापार में बढ़ता सहयोग
उन्होंने बताया कि स्पेन की कंपनियों ने भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी, अर्बन मोबिलिटी, इंजीनियरिंग, वॉटर मैनेजमेंट और स्मार्ट सिटीज के क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। वहीं भारतीय कंपनियां स्पेन में आईटी, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स के क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
रक्षा सहयोग में नई उपलब्धि
रक्षा सहयोग पर बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पहला ‘मेड इन इंडिया’ सी295 एयरक्राफ्ट इस साल सितंबर से पहले सामने आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह रक्षा औद्योगिक सहयोग की बढ़ती गहराई और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत सांस्कृतिक संबंधों से समृद्ध
जयशंकर ने कहा कि द्विपक्षीय साझेदारी मजबूत सांस्कृतिक संबंधों से समृद्ध है। उन्होंने स्पेन में योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्कृति की लोकप्रियता तथा भारत में स्पेनिश भाषा और संस्कृति के प्रति बढ़ती रुचि का उल्लेख किया।
पर्यटन और जन-संपर्क को बढ़ावा
विदेश मंत्री ने कहा कि पर्यटन भी भारत–स्पेन साझेदारी का एक अहम और तेजी से बढ़ता स्तंभ है। लोगों के बीच संपर्क दोनों देशों के बीच एक जीवंत पुल की तरह काम करते हैं। उन्होंने शिक्षा, आदान-प्रदान, संस्थागत साझेदारियों और लोगों की आवाजाही को और सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। (इनपुट: आईएएनएस)


