ब्रिक्स देशों के वरिष्ठ अधिकारियों और न्याय मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक कल 19 मई से 22 मई तक गुजरात के गांधीनगर में आयोजित होगी। भारत BRICS की अध्यक्षता के तहत इस बैठक की मेजबानी कर रहा है।
विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधि मामलों के विभाग द्वारा आयोजित यह चार दिवसीय बैठक कानूनी सुधारों, विवादों के त्वरित निपटारे और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगी।
बैठक की मुख्य हाइलाइट्स:
– 19-20 मई: ब्रिक्स के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक
– 21-22 मई: ब्रिक्स न्याय मंत्रियों की बैठक
इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के न्यायमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
चर्चा के प्रमुख मुद्दे:
– संस्थागत मध्यस्थता और मध्यस्थता सुधार
– वाणिज्यिक एवं सार्वजनिक क्षेत्र के विवादों में ADR की भूमिका
– अदालतों में लंबित मामलों को कम करना
– डिजिटल तकनीक के जरिए सस्ता और तेज न्याय
– ब्रिक्स देशों के बीच क्षमता निर्माण, ट्रेनिंग प्रोग्राम और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान
बैठक के अंत में ब्रिक्स न्याय मंत्रियों द्वारा ‘संयुक्त वक्तव्य’ अपनाया जाएगा, जिसमें मध्यस्थता और ADR को मजबूत करने के लिए ठोस प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी। साथ ही “मध्यस्थता और मध्यस्थता में क्षमता निर्माण के माध्यम से वैकल्पिक विवाद समाधान को मजबूत करना” विषय पर एक घोषणापत्र भी जारी किया जाएगा।
यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच न्यायिक क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। भारत इस आयोजन के जरिए वैश्विक मंच पर कानूनी सुधारों और त्वरित न्याय व्यवस्था में अपनी नेतृत्व भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। (इनपुट-पीआईबी)


