18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली घोषणा-2026 को अपनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इसके साथ ही ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीएम मोदी ने दो डाक टिकट भी जारी किए। नई दिल्ली घोषणा को ब्रिक्स के भविष्य के सहयोग और साझा प्राथमिकताओं की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया गया।
सर्वसम्मति से मंजूर हुई नई दिल्ली घोषणा
नई दिल्ली घोषणा को अपनाने का प्रस्ताव रखते हुए पीएम मोदी ने कहा, “किसी भी सदस्य ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। नई दिल्ली घोषणा-2026 को सर्वसम्मति से मंजूरी दी जाती है।” इसके साथ ही ब्रिक्स देशों ने साझा घोषणा को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया।
ग्लोबल साउथ की भागीदारी पर जोर
समापन संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य की तकनीक और उसके विकास एवं निर्माण में ग्लोबल साउथ की हिस्सेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्णयों और उनके परिणामों के बीच बनी दूरी को खत्म करने के लिए साझेदारी और सामूहिक कार्रवाई के साथ आगे बढ़ना होगा।
पुराने संस्थानों के भरोसे नहीं चल सकता बदलता विश्व
पीएम मोदी ने कहा कि देशों के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन ब्रिक्स सहयोग के लिए काम करने की प्रतिबद्धता स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों को पुराने संस्थानों के भरोसे नहीं चलाया जा सकता। वैश्विक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व, काम करने के तरीकों और नियम बनाने की प्रक्रिया में सुधार जरूरी है।
घोषणापत्र साझा संकल्प को देगा दिशा
पीएम मोदी ने कहा कि आज अपनाई गई नई दिल्ली घोषणा ब्रिक्स के साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा देती है। उन्होंने कहा कि अब सभी सदस्य देशों की जिम्मेदारी है कि इन फैसलों को जमीन पर उतारा जाए और उनसे ठोस परिणाम हासिल किए जाएं।
फैसलों को परिणामों में बदलने की जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्णयों और परिणामों के बीच की दूरी को दूर करने के लिए सभी देशों को साझेदारी और जिम्मेदारी की भावना के साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की जिम्मेदारी है कि शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों को वास्तविक परिणामों में बदला जाए।
ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट जारी
शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दो डाक टिकट भी जारी किए। इन टिकटों के जरिए संगठन की दो दशक की यात्रा और उसके बढ़ते वैश्विक महत्व को रेखांकित किया गया। (इनपुट: एजेंसी)


