फिल्म, एनीमेशन और डिजिटल मीडिया में साझेदारी बढ़ाने के लिए BRICS WAVES Bazaar शुरू

रचनात्मक अर्थव्यवस्था (क्रिएटिव इकोनॉमी) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित BRICS WAVES Bazaar का बुधवार को मुंबई में शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के 500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य फिल्म, टेलीविजन, एनीमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, संगीत, डिजिटल मीडिया और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है।

इस आयोजन में विभिन्न देशों के सरकारी प्रतिनिधि, उद्योग संगठन, फिल्म निर्माता, कंटेंट क्रिएटर, निवेशक, प्रसारण कंपनियां, ओटीटी प्लेटफॉर्म, तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप, सांस्कृतिक संस्थान और रचनात्मक उद्योगों से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।

उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं संस्कृति मंत्री अधिवक्ता आशीष शेलार ने कहा कि मुंबई भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था का केंद्र है और BRICS WAVES Bazaar केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि वैश्विक रचनात्मक अर्थव्यवस्था का भविष्य तय करने वाला उच्चस्तरीय मंच है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ इस दृष्टि का महत्वपूर्ण आधार है, जहां संस्कृति, रचनात्मकता और आधुनिक व्यापार का संगम होता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा संस्कृति और रचनात्मकता को देशों और समाजों को जोड़ने का माध्यम बताया है। उन्होंने कहा कि मुंबई में आयोजित BRICS WAVES Bazaar और नवंबर 2026 में होने वाला BRICS फिल्म फेस्टिवल दोनों मिलकर व्यापार, सह-निर्माण (को-प्रोडक्शन), बाजार विस्तार और फिल्म सहयोग के लिए नए अवसर प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास प्रतिभा, कहानियां, तकनीक और विशाल दर्शक वर्ग मौजूद है। ऐसे में WAVES Bazaar एक ऐसा मंच बन सकता है, जहां नई परियोजनाएं, साझेदारियां और निवेश के अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि भारत अपने अनुभव साझा करने और ब्रिक्स देशों के साथ रचनात्मक अर्थव्यवस्था में संस्थागत एवं व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है।

चंचल कुमार ने यह भी बताया कि भारत WAVES, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज, इंडिया सिने हब और कौशल विकास से जुड़ी पहलों के माध्यम से वैश्विक साझेदारी को मजबूत कर रहा है। उन्होंने सभी ब्रिक्स देशों को 2027 में मुंबई में आयोजित होने वाले अगले WAVES संस्करण में भाग लेने का भी निमंत्रण दिया।

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के फेस्टिवल निदेशक आशुतोष गोवारिकर ने सभी प्रतिनिधियों को IFFI 2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में आठ विशेष श्रेणियों में लगभग 250 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिनेमा देशों और संस्कृतियों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है और BRICS WAVES Bazaar जैसे मंच नई कहानियों, फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को जन्म देते हैं।

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव बोडवाडे ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक अर्थव्यवस्था वैश्विक जीडीपी में 3.1 प्रतिशत का योगदान देती है और अंतरराष्ट्रीय सेवा निर्यात में 1.4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का हिस्सा रखती है। ऐसे में ब्रिक्स देशों के पास इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) के प्रबंध निदेशक प्रकाश मगदूम ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन में उच्चस्तरीय सम्मेलन, मुख्य वक्तव्य, पैनल चर्चा, बिजनेस नेटवर्किंग और बी2बी (Business-to-Business) बैठकों का आयोजन होगा। इनमें अंतरराष्ट्रीय सह-निर्माण, कंटेंट फाइनेंसिंग, डिजिटल परिवर्तन, बौद्धिक संपदा अधिकार, महिला उद्यमिता, उभरती प्रौद्योगिकियां और दक्षिण-दक्षिण सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

समारोह के अंत में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव सेंथिल राजन ने कहा कि BRICS WAVES Bazaar भारत की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत रचनात्मक अर्थव्यवस्था को नवाचार, उद्यमिता, रोजगार और आर्थिक विकास का प्रमुख आधार बनाया जा रहा है। यह मंच ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग के नए अवसरों को बढ़ावा देगा।

-पीआईबी