सर्वांगीण विकास एवं विकसित भारत का बजट 2025  

बजट 2025 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की समृद्ध ,विकसित, सशक्त भारत की कल्पना का प्रतीक है‌। जो सभी वर्गों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का समावेश करता हुआ एक वित्तीय जादूगरी से कम नहीं है।

₹ 12 लाख की आयकर छूट देकर लगभग एक लाख करोड़ की बजट आय की कमी के बावजूद बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की योजनाओं जैसे सड़क, हवाई अड्डे, रेल, इंटरनेट,कृषि, इत्यादि पर खर्च बढ़ाकर इकॉनमी को गति देना, कृषि में बड़ा निवेश प्रस्तावित कर किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना, लघु और मध्यम उद्योगों को वित्तीय सहायता को बढ़ाकर जीडीपी की वृद्धि को न केवल तेज करना बल्कि छोटे शहरों में युवाओं के लिए ढेरों नौकरियां पैदा करना, सेकेंडरी स्कूलों को ब्रॉडबैंड सुविधा से जोड़कर ग्रामीण बच्चों को न केवल तकनीक से जोड़कर, बल्कि उन्हें दुनिया की मुख्यधारा से जोड़ना इस बजट के लक्ष्‍य हैं।

देश में तकनीकी समूह का सृजन कर दुनिया में तकनीकी धाक का अवसर पैदा करना, प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों को ब्रॉड बैंड से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन और हेल्थ पेटीएम जैसी नवीनतम तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने की संभावनाएं देकर स्वास्‍थ्‍य सुविधाएं बेहतर करना, कैंसर जैसी असाध्य बीमारी का इलाज ज़िला अस्पतालों में न केवल उपलब्ध कराना बल्कि कैंसर और अन्य जीवन रक्षक दवाइयों पर से कस्टम ड्यूटी हटाकर उन्हें सस्ता कर देश के मध्यम और ग़रीब वर्ग को बड़ी राहत देना भी इस बजट के लक्ष्‍य हैं।

महिलाओं और बच्चों के लिए आंगनवाड़ी, बेहतर भोजन और वित्तीय सहायता की योजनाओं में वृद्धि करना प्रशंसनीय कदम है। महिलाओं और किसानों के स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करना और उन्‍हें मुख्य वित्तीय धारा से जोड़कर उनके लिए वित्तीय समावेशन और स्‍वावलंबन के स्थानीय अवसर पैदा करना, विदेश में ऋण लेकर शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को टैक्स मेंं  छूट देना मध्यम वर्ग को एक बड़ी राहत की बात है।

गारमेंट और लेदर के सेक्टर में निर्यात की संभावनाओं को उड़ान देकर देश के एक बड़े वर्ग में रोजगार का अवसर बढ़ाना तथा देश के लिए कीमती विदेशी मुद्रा की आवक बढ़ाना, पांच राष्ट्रीय कौशल केंद्रों की स्थापना, मेडिकल की सीटें बढ़ाकर देश में चिकित्सीय सुविधाएं न केवल बढ़ाना बल्कि युवाओं को चिकित्सा के क्षेत्र में सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना, 20000 करोड़ का स्टार्ट अप फंड युवाओं में उद्यमिता को पंख देना, आईआईटी को मजबूत कर देश के टैलेंट को बढ़ावा देना भी उल्‍लेखनीय कदम हैं।

गिग वर्कर्स को ई-श्रम से जोड़कर उन्हें सुरक्षा कवच देना और देश की सुरक्षा से कोई समझौता न करते हुए रक्षा बजट में भी वृद्धि और निजी क्षेत्र में विश्वास सृजन कर नियमों, कानूनों को सरल व अपराध मुक्त बनाकर निवेश के नए क्षेत्रों जैसे नाभिकीय ऊर्जा, हरित ऊर्जा, बीमा में नए अवसर पैदा कर आत्मनिर्भर भारत की उड़ान को तेज करना और इस सब के बावजूद वित्तीय घाटे को जीडीपी के 5% तक सीमित रख कर महंगाई को नियंत्रित रखकर वित्तीय संतुलन बनाना दिखाता है कि विकसित व समृद्ध भारत के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी में मजबूत राजनैतिक इच्छाशक्ति और संकल्प हैं। बजट में किए गए इन उपायों से निश्चित ही भारत 2047 तक दुनिया की एक बड़ी आर्थिक व सामरिक शक्ति बनकर उभरेगा जिस पर हर भारतीय को गर्व होगा। 

 

RELATED ARTICLES

12 hours ago | Food Waste Management

विश्‍व स्वच्छता दिवस : साफ-सफाई से आगे कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की बड़ी चुनौती

स्वच्छता हमारे जीवन की बुनियादी जरूरत है। साफ घर, स्वच्छ सड़कें, कचरा-मुक्त बाजार, साफ नालियां औ...

18/09/26 | 5:20 pm | Artificial intelligence

प्रधानमंत्री मोदी के तकनीकी दृष्टिकोण से मजबूत हो रहा भारत का डिजिटल भविष्य

भारत का डिजिटल परिवर्तन अब केवल स्मार्टफोन, डिजिटल भुगतान या ऑनलाइन सरकारी सेवाओं तक सीमित नही...

18/09/26 | 11:09 am | Equal Pay for Equal Work

अंतरराष्ट्रीय समान वेतन दिवस : श्रम का मूल्य लिंग से नहीं, योगदान से तय करने की जरूरत

किसी भी समाज की प्रगति का आकलन केवल आर्थिक वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय या रोजगार के आंकड़ों से नहीं...