प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने मंगलवार को रेलवे मंत्रालय की दो मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत ₹3,907 करोड़ है और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंजूर की गई परियोजनाओं में पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन का दोहरीकरण (Doubling) और राजखरसावां-डांगोआपोसी रेलखंड पर चौथी लाइन का निर्माण शामिल है।
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से ओडिशा और झारखंड के चार जिलों में भारतीय रेलवे नेटवर्क का करीब 145 किलोमीटर विस्तार होगा। इससे रेल मार्ग की क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु होगा और माल एवं यात्री परिवहन में सुधार आएगा।
ये परियोजनाएं पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करना है। सरकार का कहना है कि इससे लोगों, सामान और सेवाओं की आवाजाही अधिक तेज और आसान होगी।
इन परियोजनाओं से करीब 1,526 गांवों के लगभग 14 लाख लोगों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। साथ ही ललितगिरि बौद्ध परिसर, श्री बलदेवजी मंदिर और मेघाहातुबुरू हिल्स जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी बेहतर होगी।
सरकार के अनुसार, ये रेल मार्ग कोयला, लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर और जिप्सम जैसी प्रमुख खनिज सामग्री के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं। परियोजनाएं पूरी होने के बाद रेलवे की माल ढुलाई क्षमता में 44 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की अतिरिक्त वृद्धि होने का अनुमान है।
सरकार ने कहा कि रेल परिवहन पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा दक्ष माध्यम है। इन परियोजनाओं से हर साल करीब 6 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी और 29 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आएगी, जो एक करोड़ पेड़ लगाने के बराबर पर्यावरणीय लाभ होगा।
(इनपुटः PIB)


