दुनिया की प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कंपनियों के प्रमुखों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से AI के तेजी से बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए वैश्विक सुरक्षा उपाय बनाने की अपील की है। Anthropic के CEO डारियो अमोडेई और OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने चेतावनी दी कि अगर AI का विकास और इस्तेमाल सही तरीके से नियंत्रित नहीं हुआ, तो इससे इंसानों और पूरी मानवता के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो सकते हैं।
अमोडेई ने कहा कि अगर AI का प्रबंधन ठीक से नहीं किया गया तो यह पूरी मानवता के लिए खतरा बन सकता है। ऑल्टमैन ने भी कहा कि AI के कारण भविष्य पर इंसानों का नियंत्रण खत्म होने का जोखिम है। दोनों ने कहा कि दुनिया के देशों को मिलकर ऐसे सुरक्षा उपाय तय करने होंगे, जिससे AI की क्षमताएं इतनी आगे न बढ़ जाएं कि उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो जाए।
AI कंपनियों के प्रमुखों ने यह भी कहा कि AI की ताकत किसी एक कंपनी या देश के हाथ में केंद्रित नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने AI के संभावित फायदों पर भी जोर दिया और कहा कि इस तकनीक का इस्तेमाल लोगों को अपने जीवन से जुड़े फैसलों पर अधिक नियंत्रण देने के लिए किया जा सकता है।
ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा कि AI कंपनियों के प्रमुख खुद बता रहे हैं कि दुनिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल उन्हीं पर नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने कहा कि जब ब्रिटेन अगले साल G20 की अध्यक्षता करेगा, तो AI के नियंत्रण और सुरक्षित विकास को चर्चा के केंद्र में रखा जाएगा तथा वैश्विक स्तर पर समान सुरक्षा मानक बनाने की कोशिश की जाएगी।
हालांकि, अमेरिका ने AI के विकास को रोकने या इसके लिए नई वैश्विक शासन व्यवस्था बनाने के विचार का विरोध किया। व्हाइट हाउस के विज्ञान सलाहकार माइकल क्रैटसियोस ने कहा कि AI पर नियंत्रण की चिंताएं इसके विकास को रोकने या नई वैश्विक व्यवस्था से सीमित करने का कारण नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सहयोगी देशों से AI के लाभ साझा करने की बात कही।
अमेरिका और चीन के बीच AI में बढ़त हासिल करने की होड़ के बीच चीन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत फू कोंग ने कहा कि हर देश को अपनी जरूरत के अनुसार AI तकनीक चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्होंने देशों को तकनीकी क्षेत्र में गुटबाजी से बचने और खुले स्रोत वाले AI मॉडल को बढ़ावा देने की अपील की।
बैठक में AI से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक यह भी रहा कि जीवन और मृत्यु से जुड़े फैसले इंसान करें या मशीनें। अमोडेई ने देशों से जैविक हथियार बनाने में AI के इस्तेमाल पर रोक, AI मॉडल की क्षमताओं की जांच और उनके दुरुपयोग तथा नियंत्रण खोने की स्थिति के लिए साझा मानक बनाने पर सहमति की अपील की।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने AI की मौजूदा स्थिति की तुलना परमाणु युग की शुरुआत से की। उन्होंने कहा कि जैसे परमाणु तकनीक के मामले में अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने नियम बनाने की जरूरत महसूस की थी, उसी तरह AI के मामले में भी इसके संभावित लाभ उठाने और गंभीर जोखिमों से बचने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियम जरूरी हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक दिन पहले घातक रोबोटों के खतरे को लेकर चेतावनी दी थी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी कहा कि मशीनों पर किसी न किसी रूप में मानवीय नियंत्रण जल्द सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने चेताया कि युद्ध के मैदान में AI द्वारा फैसले लिए जाने की स्थिति में पहुंचने से पहले मानव नियंत्रण तय किया जाना चाहिए।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिका के दौरे पर हैं और AI को लेकर अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा जारी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इससे पहले कहा था कि दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली AI घटनाओं के बारे में एक-दूसरे को सूचना देने की संभावित व्यवस्था पर चर्चा की है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI को ‘Superintelligence’ बताते हुए इसके विकास की दौड़ में चीन से आगे रहने पर जोर दिया है।
-(इनपुटः PTI)


