सीबीआई-एफबीआई की संयुक्त कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के साथ मिलकर एक बड़े ट्रांसनेशनल साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

नोएडा में संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश

सीबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि जांच एजेंसी ने नोएडा में संचालित एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस नेटवर्क से जुड़े धोखेबाजों ने अमेरिकी नागरिकों से 8.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ठगी की थी। मामले में सीबीआई ने 6 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 1.88 करोड़ रुपए नकद तथा 34 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने इसे यूएस-इंडिया साझेदारी का एक शानदार उदाहरण बताया

भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी सीबीआई की इस पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए इसे यूएस–इंडिया साझेदारी का एक शानदार उदाहरण बताया। दूतावास ने कहा कि एफबीआई के साथ मिलकर भारत की सीबीआई ने एक ऐसे ट्रांसनेशनल साइबर क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसने टेक-सपोर्ट स्कैम के जरिए अमेरिकी नागरिकों से 8.5 मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी की थी। इस कार्रवाई में नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी और अवैध कमाई की बड़ी बरामदगी हुई है। मजबूत कानून प्रवर्तन सहयोग के कारण दोनों देश अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

अमेरिकी अधिकारियों की फर्जी पहचान का इस्तेमाल

जांच के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच आरोपी ड्रग एन्फोर्समेंट एजेंसी (डीईए), फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) और सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (एसएसए) के अमेरिकी अधिकारियों की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे। आरोपी अमेरिकी नागरिकों को यह धमकी देते थे कि उनके सोशल सिक्योरिटी नंबर का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग डिलीवरी में किया गया है और उनकी संपत्तियां फ्रीज कर दी जाएंगी। उन्हें यह भी कहा जाता था कि उनके फंड जोखिम में हैं। इस तरह आरोपियों ने पीड़ितों को डराकर और गुमराह कर 8.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर अपने नियंत्रण वाले क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट और विदेशी बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

दिल्ली, नोएडा और कोलकाता में आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी

सीबीआई ने इस मामले में 9 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद दिल्ली, नोएडा और कोलकाता में आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां महत्वपूर्ण आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद हुए। नोएडा, उत्तर प्रदेश में संचालित एक अवैध कॉल सेंटर से सीबीआई ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त छह लोगों को रंगेहाथों गिरफ्तार किया।

तलाशी के दौरान 1.88 करोड़ रुपए नकद, मोबाइल फोन, लैपटॉप सहित 34 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त

जांच में सामने आया है कि यह अंतरराष्ट्रीय साइबर-सक्षम वित्तीय अपराध नेटवर्क अपराध से अर्जित धन को वर्चुअल एसेट्स और बैंक ट्रांसफर के जरिए इधर-उधर भेज रहा था। तलाशी के दौरान 1.88 करोड़ रुपए नकद, मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क सहित 34 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

अपराध से अर्जित धन की पहचान के लिए आगे की कार्रवाई जारी

अपराध से अर्जित धन की पहचान के लिए आगे की कार्रवाई जारी है। नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक और अन्य सुरागों की भी गहन जांच की जा रही है। सीबीआई इंटरपोल और अन्य विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से संगठित टेक्नोलॉजी आधारित अपराध नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर रही है। इस ऑपरेशन से बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर-आधारित वित्तीय अपराध नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचा है। (इनपुट-आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

14 hours ago | Bodh Gaya Myanmar President welcome

बोधगया पहुंचे म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग, राज्यपाल हसनैन ने किया स्वागत

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने अपने भारत दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया से की, जहां उ...

15 hours ago | Ajit Doval Moscow security forum

आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख, सीमा पार समर्थन देने वाले देशों पर वैश्विक कार्रवाई की अपील

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर क...