केंद्र ने सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना की दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने “सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” को मंजूरी दे दी है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। योजना की पायलट परियोजना के अंतर्गत 11 राज्यों की 11 पैक्स में गोदामों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, परियोजना के अंतर्गत गोदाम निर्माण के लिए 500 से अधिक पैक्स की पहचान की गई है और दिसंबर 2026 तक निर्माण पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

परियोजना के अंतर्गत 31 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से कुल 73,492 पैक्स को मंजूरी दी गई है। वहीं, 59,920 पैक्स को ईआरपी सॉफ्टवेयर पर शामिल किया गया है। पैक्स कम्प्यूटरीकरण परियोजना के अंतर्गत, कर्नाटक राज्य से 5,628 पैक्स को मंजूरी दी गई है।

यह जानकारी सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है। इस योजना में भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं, जैसे कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (एएमआई), कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन (एसएमएएम), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (पीएमएफएमई), आदि के अभिसरण के माध्यम से गोदामों, कस्टम हायरिंग केंद्रों, प्रसंस्करण इकाइयों, उचित मूल्य की दुकानों आदि सहित पीएसीएस स्तर पर विभिन्न कृषि अवसंरचना का निर्माण शामिल है।

इसके अतिरिक्त, भारत सरकार ने नई बहुउद्देशीय पैक्स/डेयरी/मत्स्य पालन सहकारी समितियों की स्थापना की योजना को मंजूरी दे दी है, जिसका लक्ष्य पांच वर्षों की अवधि में देश की सभी पंचायतों और गांवों को कवर करना है। इस पहल को नाबार्ड, एनडीडीबी, एनएफडीबी और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों का समर्थन प्राप्त है।

राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस के अनुसार, 15 फरवरी 2023 को योजना के अनुमोदन के बाद से 30 जून 2025 तक देश भर में कुल 22,933 नई बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियां पंजीकृत की गई हैं, जिनमें 5,937 एम-पैक्स शामिल हैं।

पैक्स को मजबूत करने के लिए, सरकार द्वारा 2925.39 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ कार्यात्मक पैक्स के कम्प्यूटरीकरण के लिए परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें देश के सभी कार्यात्मक पैक्स को एक सामान्य ईआरपी आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर लाना, उन्हें एसटीसीबी और डीसीसीबी के माध्यम से नाबार्ड से जोड़ना शामिल है।

परियोजना के अंतर्गत 31 राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से कुल 73,492 पैक्स को मंजूरी दी गई है। कुल 59,920 पैक्स को ईआरपी सॉफ्टवेयर पर शामिल किया गया है और 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा हार्डवेयर खरीदा गया है। वहीं, पैक्स कम्प्यूटरीकरण परियोजना के अंतर्गत, कर्नाटक राज्य से 5,628 पैक्स को मंजूरी दी गई है।

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