केंद्र ने कुकिंग के लिए निर्बाध पीएनजी और एलपीजी आपूर्ति के दिए निर्देश 

मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण आपूर्ति में आई बाधाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने मंगलवार को आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसीए) के तहत आदेश जारी कर घरेलू रसोई के लिए पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस, परिवहन के लिए एलपीजी और सीएनजी की निर्बाध आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

प्राकृतिक गैस को पहले प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भेजा जाएगा

आदेश में कहा गया है कि केंद्र ने आकलन किया है कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के परिणामस्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से एलएनजी के शिपमेंट में रुकावट पैदा हुई है और आपूर्तिकर्ताओं ने फोर्स मेज्योर का ऐलान किया है, जिसके तहत प्राकृतिक गैस को पहले प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भेजा जाएगा।

एलपीजी का उत्पादन अधिकतम करने का दिया निर्देश

केंद्र सरकार ने रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) का उत्पादन अधिकतम करने और प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्ट्रीम को एलपीजी पूल में भेजने का निर्देश दिया है। एलपीजी सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच का अंतर 25 दिन कर दिया गया है। एलपीजी पर नए निर्देशों से जमाखोरी/कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। 

उर्वरक संयंत्र उर्वरक उत्पादन के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए गैस आपूर्ति का उपयोग नहीं करेंगी

प्राथमिकता क्षेत्र 2 में सूचीबद्ध उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति परिचालन उपलब्धता के अधीन, पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 70 प्रतिशत के बराबर सुनिश्चित की जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि ये इकाइयां उर्वरक उत्पादन के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए गैस आपूर्ति का उपयोग नहीं करेंगी और इस संबंध में एक प्रमाण पत्र उर्वरक मंत्रालय के माध्यम से पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) को प्रस्तुत किया जाएगा।

गैस विपणन इकाइयां यह भी सुनिश्चित करेंगी कि प्राथमिकता क्षेत्र 1 में सूचीबद्ध चाय उद्योगों, विनिर्माण और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति राष्ट्रीय गैस ग्रिड के माध्यम से की जाए और परिचालन उपलब्धता के अधीन, पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत के 80 प्रतिशत के बराबर बनाए रखी जाए।

इसके अलावा, आदेश में कहा गया है कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाएं यह सुनिश्चित करेंगी कि उनके नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति किए जाने वाले औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को परिचालन उपलब्धता के अधीन, पिछले छह महीनों की औसत गैस खपत का 80 प्रतिशत प्राप्त हो। (इनपुट-एजेंसी)

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