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रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने में मध्यस्थता करेगा चीन, ट्रंप जाएंगे बीजिंग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि चीनी प्रेसिडेंट जिनपिंग के साथ उनकी मुलाकात सफल रही। जिन मुद्दों को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चल रहा था, उन सभी पर बातचीत हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि वह अगले साल अप्रैल में चीन का दौरा करेंगे। 

ट्रंप ने कहा कि वे अप्रैल में चीन जाएंगे और शी जिनपिंग बाद में अमेरिका आएंगे, जबकि चीन ने वार्ता पर अभी टिप्पणी नहीं की है

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “मैं अप्रैल में चीन जाऊंगा और वह उसके बाद किसी समय यहां आएंगे, चाहे वह फ्लोरिडा हो, पाम बीच हो या वाशिंगटन डीसी।” हालांकि, चीनी अधिकारियों ने गुरुवार की वार्ता के नतीजों पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।

ट्रंप ने बताया कि जिनपिंग ने यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है

ट्रंप ने बताया कि जिनपिंग ने यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को दक्षिण कोरिया के बुसान में चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ मुलाकात के दौरान यूक्रेन में रूस के युद्ध पर चर्चा की।

ट्रंप ने कहा कि दोनों नेता साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं ताकि हम देख सकें कि क्या हम उस युद्ध को खत्म कर सकते हैं

ट्रंप ने कहा कि दोनों नेता साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं ताकि हम देख सकें कि क्या हम उस युद्ध को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम इस बात पर सहमत हैं कि दोनों पक्ष आपस में लड़ रहे हैं और कभी-कभी आपको उन्हें लड़ने देना ही पड़ता है, लेकिन (शी) हमारी मदद करेंगे और हम यूक्रेन पर साथ मिलकर काम करेंगे। हम इससे ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।”

ट्रंप ने कहा कि चीन की रूसी तेल खरीद पर चर्चा नहीं हुई, हालांकि हालिया प्रतिबंधों से चीन-भारत के कुछ तेल ऑर्डर रद्द हुए

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चीन द्वारा रूसी तेल खरीदने पर कोई चर्चा नहीं की। ट्रंप ने पिछले हफ्ते दो प्रमुख रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए, जिसके कारण चीनी और भारतीय कंपनियों के कुछ तेल ऑर्डर रद्द या निलंबित कर दिए गए। अब तक दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों ने अमेरिकी नेता की रूसी तेल खरीदना बंद करने की पिछली अपील का बड़े पैमाने पर विरोध किया है।

बैठक में दोनों नेताओं के बीच क्या चर्चाएं हुई हैं, इसे लेकर अब तक न तो अमेरिका और न ही चीन ने आधिकारिक बयान जारी किया है

हालांकि बैठक में दोनों नेताओं के बीच क्या चर्चाएं हुई हैं, इसे लेकर अब तक न तो अमेरिका और न ही चीन ने आधिकारिक बयान जारी किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह जरूर कहा है कि जिन मुद्दों पर सहमति बनी है, उन पर जल्द ही हस्ताक्षर भी कर लिए जाएंगे।

ट्रंप ने जिनपिंग संग मुलाकात को “बारह में से दस” बताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक रहे

अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात को रेट भी किया। ट्रंप ने कहा, “कुल मिलाकर, शून्य से दस के पैमाने पर, जिसमें दस सबसे अच्छा है, मैं कहूंगा कि यह बैठक बारह थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जानते हैं, पूरा रिश्ता बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि यह वाकई बहुत अच्छा रहा।”(इनपुट-आईएएनएस)

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