उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मंगलवार को खटीमा गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्मारक, खटीमा में राज्य निर्माण आंदोलन में अमूल्य योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीएम धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ प्रदान किया है। इसके साथ ही आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों की पेंशन राशि में भी वृद्धि की गई है। अमर शहीदों के सपनों और आकांक्षाओं के अनुरूप सशक्त, समृद्ध और नए उत्तराखंड के निर्माण के संकल्प की सिद्धि के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आज हम सभी के लिए बहुत भावुक दिन है, क्योंकि हम उन लोगों को दिल से श्रद्धांजलि दे रहे हैं जिन्होंने हमारे राज्य को बनाने के आंदोलन में अपनी जान कुर्बान कर दी। मैं उन सभी शहीदों को नमन करता हूं। यह दिन हमें उस संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है जिसकी वजह से हमारा नया राज्य बना। यह उन बहादुर बेटों और आंदोलनकारियों को याद करने का दिन है जिन्होंने एक अलग उत्तराखंड का सपना देखा था और उस सपने को सच करने के लिए अपने सभी निजी मोह-माया को पीछे छोड़ दिया। मैं उन सभी के प्रति सम्मान प्रकट करता हूं। मैं खटीमा की दिल दहला देने वाली घटना को याद करता हूं और हर उस व्यक्ति का सम्मान करता हूं, जिसने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में योगदान दिया।
सिटी पार्क (ऑक्सीजन पार्क) का उद्घाटन करने के बाद सीएम धामी ने कहा कि यह ऑक्सीजन पार्क खटीमा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। यह हमारे लोगों, पर्यटकों और महिलाओं के घूमने-फिरने और समय बिताने के लिए एक अच्छी जगह होगी।
खटीमा गोलीकांड 1 सितंबर 1994 को हुआ था, जब पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई थी। खटीमा गोलीकांड उत्तराखंड के इतिहास की वह पीड़ादायक घटना है, जिसे कभी नहीं भुलाया जा सकता। इस घटना ने राज्य निर्माण के आंदोलन को नई दिशा दी थी। (इनपुट-आईएएनएस)


