बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और जदयू के राज्यसभा सदस्य संजय झा भी मौजूद रहे। बैठक में भारत-नेपाल जल एवं बांध परियोजनाओं, बजट से जुड़े विषयों, पर्यटन के विकास और बिहार के हित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सोशल मीडिया पर दी बैठक की जानकारी
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बैठक की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुआ। उन्होंने कहा कि बैठक में बिहार के विकास, समृद्धि और जनहित से जुड़े विषयों को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से रखने के साथ बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ने पर चर्चा हुई।
बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ समन्वय के जरिए बिहार के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को आगे बढ़ाना बैठक का प्रमुख उद्देश्य रहा। बजट संबंधी मुद्दों के साथ पर्यटन क्षेत्र के विकास और राज्य के हित से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और राज्यसभा सदस्य संजय झा की मौजूदगी रही।
भारत-नेपाल जल सहयोग पर नजर
भारत और नेपाल के बीच जल संसाधन सहयोग के तहत कोसी, गंडक और महाकाली नदियों पर कई प्रमुख बांध और जलविद्युत परियोजनाएं संचालित हैं, जबकि कुछ परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई की सुविधा और जलविद्युत उत्पादन को बढ़ावा देना है। बिहार के लिए इन परियोजनाओं का महत्व विशेष रूप से बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई के लिहाज से है।
कोसी परियोजना से बाढ़ और सिंचाई को राहत
कोसी परियोजना भारत और नेपाल के बीच 1954 में हुए समझौते के तहत शुरू हुई थी। इसके अंतर्गत कोसी बैराज का निर्माण किया गया। इसका उद्देश्य उत्तर बिहार और नेपाल के क्षेत्रों में बाढ़ के प्रभाव को कम करना तथा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना है।
गंडक परियोजना से सिंचाई और बिजली उत्पादन
गंडक परियोजना 1959 में हुए भारत-नेपाल गंडक समझौते के तहत विकसित की गई। इसके अंतर्गत भैंसालोटन, जिसे वाल्मीकिनगर के नाम से भी जाना जाता है, में बांध और जलविद्युत संयंत्र का निर्माण किया गया है। यह परियोजना सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
सप्त कोसी उच्च बांध परियोजना पर भी जोर
सप्त कोसी उच्च बांध परियोजना नेपाल में सप्तकोशी नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी बहुउद्देशीय परियोजना है। भारत और नेपाल इस परियोजना पर मिलकर काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य उत्तरी बिहार और दक्षिण-पूर्वी नेपाल को बाढ़ से बचाना, बड़े पैमाने पर बिजली का उत्पादन करना और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना है। (इनपुट: आईएएनएस)


