सीएम योगी ने महानवमी पर घोषित किया सार्वजनिक अवकाश, मंदिरों में होंगे मिशन शक्ति के कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को घोषणा की कि इस वर्ष 19 अक्टूबर को पड़ने वाली महानवमी पर पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में अवकाश रहेगा। सरकार ने यह निर्णय लोगों को त्योहार के दौरान राहत देने और धार्मिक आयोजनों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है।

मां कात्यायनी की पूजा कर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के छठे दिन प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और आदि शक्ति के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि शारदीय नवरात्रि के छठे दिन आदि शक्ति के छठे स्वरूप मां जगदंबा के चरणों में अनगिनत प्रणाम। उन्होंने मां कात्यायनी से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से सभी भक्तों को अपने संकल्पों को पूरा करने का साहस और शक्ति प्राप्त हो।

मिशन शक्ति के तहत मंदिरों में होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

इस बीच, शुक्रवार से उत्तर प्रदेश के कई दुर्गा पूजा मंदिरों में महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े संदेशों को बढ़ावा देने के लिए दुर्गा सप्तशती के पाठ और शक्ति की पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मिशन शक्ति पहल के तहत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने शारदीय नवरात्रि के सप्तमी से नवमी तक चुनिंदा मंदिरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

दुर्गा सप्तशती के पाठ और भक्ति गीतों का आयोजन

दुर्गा पूजा के अंतिम तीन दिनों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में देवी को समर्पित पारंपरिक भक्ति गीतों का गायन और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जाएगा। इन धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए शक्ति की पूजा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

धार्मिक आयोजनों को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाने पर जोर

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शारदीय नवरात्रि आस्था, शक्ति और सांस्कृतिक परंपराओं का त्योहार है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ये धार्मिक आयोजन सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करें और महिलाओं एवं लड़कियों की सुरक्षा, गरिमा तथा आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाएं। (इनपुट: आईएएनएस)