केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि निवेश भारत-जापान साझेदारी का अहम आधार है और इसी के जरिए दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। ‘द इंडो-जापान स्ट्रैटेजिक डायलॉग’ में उन्होंने कहा कि भारत-जापान की साझेदारी का प्रमुख केंद्र निवेश रहा है और दोनों देश इसे अगले स्तर तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मारुति सुजुकी ने भारत के ऑटो सेक्टर को नई दिशा दी
पीयूष गोयल ने कहा, “मारुति सुजुकी लगभग 40 साल पहले भारत आई और आधुनिक, किफायती तथा टेक्नोलॉजी आधारित गाड़ियां लेकर आई, जिसने भारत को ऑटोमोबाइल क्षेत्र में वैश्विक ताकत बनने की राह पर आगे बढ़ाया।” उन्होंने बताया कि मई महीने में भारत में बिकी 4 लाख पैसेंजर गाड़ियों में से 1.47 लाख मारुति सुजुकी की थीं।
टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचे में जापान का बड़ा योगदान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का पहला डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ओडिशा में जापान की साझेदारी से बनाया गया, जिससे लौह अयस्क के परिवहन को गति मिली। उन्होंने कहा कि भारत-जापान व्यापार केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच तकनीक और निवेश का मजबूत रिश्ता भी विकसित हुआ है।
भारत जापान को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद निर्यात कर रहा
पीयूष गोयल ने कहा, “हम कच्चा माल या इंटरमीडिएट उत्पाद नहीं बेच रहे हैं। हम जापान को उच्च गुणवत्ता वाले, सटीक इंजीनियरिंग वाले उत्पाद, ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स का निर्यात कर रहे हैं। इसलिए इस रिश्ते में व्यापार और निवेश दोनों महत्वपूर्ण पहलू हैं।” उन्होंने कहा कि भारत जापान के साथ व्यापारिक और निवेश साझेदारी को और मजबूत करने के लिए उत्सुक है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना फिर पटरी पर
भारत-जापान की प्रमुख संयुक्त परियोजनाओं में 508 किलोमीटर लंबा मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल है। जापान की शिंकानसेन तकनीक पर आधारित इस परियोजना में ट्रेनें 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय छह घंटे से अधिक से घटकर करीब दो घंटे रह जाएगा।
एमवीए सरकार पर लगाया देरी का आरोप
परियोजना में हुई देरी पर पीयूष गोयल ने महाराष्ट्र की पूर्व महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि जमीन अधिग्रहण में राजनीतिक कारणों से देरी की गई। उन्होंने कहा, “गुजरात में लगभग पूरी जमीन का अधिग्रहण हो चुका था, लेकिन महाराष्ट्र में मुख्य स्टेशनों के लिए जमीन आवंटित नहीं की गई, जिससे परियोजना में काफी समय बर्बाद हुआ।” उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के आने के बाद परियोजना फिर से गति पकड़ चुकी है और 2029 की समय-सीमा के अनुरूप आगे बढ़ रही है।
जापान में भारतीय पेशेवरों के लिए बढ़ेंगे अवसर
पीयूष गोयल ने कहा कि जापान में विशेष रूप से हेल्थकेयर क्षेत्र में भारतीय पेशेवरों के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जापान की बढ़ती उम्र वाली आबादी के कारण प्रशिक्षित केयरगिवर्स की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके लिए जापानी भाषा और संस्कृति की जानकारी आवश्यक है। उन्होंने कहा, “यदि किसी व्यक्ति के पास भाषा कौशल के साथ जापानी संस्कृति की समझ भी हो, तो उसके लिए जापान में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।” (इनपुट: आईएएनएस)


