मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों के बीच मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही कीमतों में लगातार दूसरे दिन नरमी देखने को मिली। तेहरान में उच्चस्तरीय कूटनीतिक बातचीत से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कुछ कम हुई हैं। हालांकि, क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी जोखिम बने रहने के कारण कीमतें अब भी छह महीने के उच्च स्तर के करीब हैं।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 1.17 प्रतिशत तक गिरावट आई और यह 1.36 डॉलर टूटकर 114.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 1.16 डॉलर की नरमी के साथ 100.60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
तेहरान में बातचीत से सप्लाई संबंधी चिंताएं घटीं
तेहरान में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने ईरानी अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए बातचीत की। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य सैन्य तनाव की दोबारा बढ़ोतरी रोकने के लिए बातचीत के रास्ते खुले रखना था। रिपोर्ट्स के अनुसार, चारों देश शांति और सुरक्षा के लिए सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं।
मध्य पूर्व से कच्चे तेल का निर्यात युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुंचने से आपूर्ति को लेकर कुछ चिंताएं कम हुई हैं। हालांकि, ईरान पर दोबारा हमले होने की आशंकाओं और क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना से कीमतों में तेजी का जोखिम बना हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से कीमतों को सपोर्ट
कूटनीतिक प्रयासों से आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं कुछ कम हुई हैं, लेकिन क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती बलों की ओर से सऊदी अरब के प्रमुख ठिकानों पर नए हमलों के बाद कीमतों में गिरावट सीमित रही।
फरवरी में संघर्ष शुरू होने से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता था। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पिछले सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तेल टैंकरों पर ईरानी हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 117 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी, जो अप्रैल के बाद का उच्चतम स्तर था। सोमवार को भी कीमत ने कुछ समय के लिए 117 डॉलर का स्तर छुआ, लेकिन बाद में इसमें गिरावट आई। (इनपुट- एजेंसी)


