भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड यानी BPCL ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच रूसी कच्चे तेल का आयात बढ़ाकर लगभग 41 प्रतिशत कर दिया है। कंपनी ने जुलाई 2026 तक के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति भी सुरक्षित कर ली है।
कंपनी के वित्त निदेशक वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता ने बताया कि रूसी कच्चे तेल की हिस्सेदारी अब कुल आयात का लगभग 40-41 प्रतिशत हो गई है। यह वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 31 प्रतिशत और तीसरी तिमाही में 25 प्रतिशत थी।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कंपनी ने स्पॉट मार्केट से रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है।
Bharat Petroleum Corporation Limited ने इस दौरान अपने कच्चे तेल के स्रोतों में भी विविधता लाई है। कंपनी ने अमेरिका, वेनेजुएला, ब्राजील और अंगोला सहित कई देशों से आठ नए क्रूड ग्रेड अपने पोर्टफोलियो में शामिल किए हैं।
कंपनी का कहना है कि इससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम होगी और आपूर्ति में लचीलापन बढ़ेगा।
Vetsa Ramakrishna Gupta ने कहा कि हालिया भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद BPCL ने आपूर्ति स्थिर बनाए रखी है क्योंकि उसकी रिफाइनरियां कई प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूसी कच्चे तेल पर सीधे प्रतिबंध नहीं हैं और कंपनी केवल गैर-प्रतिबंधित संस्थाओं के साथ कारोबार करती है।
रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 25,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय लक्ष्य तय किया है, जबकि 2025-26 में कंपनी ने 20,400 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
BPCL ने चौथी तिमाही में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 5,624.54 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया।
कंपनी की आय भी 6.3 प्रतिशत बढ़कर 1.35 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई।
बुधवार को Bharat Petroleum Corporation Limited के शेयर बीएसई पर 2.25 प्रतिशत बढ़कर 293 रुपये पर बंद हुए।
-(इनपुटःएजेंसी)


