रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष के साथ कैनबरा में की द्विपक्षीय बैठक, आतंकवाद पर वैश्विक एकजुटता की अपील

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के दौरान तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए जिनमें-सूचना साझा करने पर समझौता, पनडुब्बी खोज एवं बचाव सहयोग पर एमओयू, और संयुक्त स्टाफ वार्ता की स्थापना के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस शामिल है।

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध और साझा लोकतांत्रिक मूल्य दोनों देशों के रिश्तों की नींव हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा सहयोग भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की दिशा के अनुरूप तेजी से विस्तार कर रहा है। राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर भारत की सख्त नीति को दोहराते हुए कहा, “आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्यापार साथ नहीं चल सकते और पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि सभी देशों को आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए।

बैठक के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी शामिल होकर राजनाथ सिंह का स्वागत किया। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं और मई 2025 में हुई उनकी चुनावी जीत पर बधाई दी। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति, खासकर रक्षा, साइबर सुरक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने भारत के गरीबी उन्मूलन प्रयासों की भी प्रशंसा की और कहा कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा।

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा साझेदारी को परिभाषित करने वाले आपसी विश्वास और सहयोग की गहराई को उजागर किया गया। इससे पहले, राजनाथ सिंह का ऑस्ट्रेलियाई रक्षा सहायक मंत्री पीटर खलील ने स्वागत किया और उन्हें औपचारिक सम्मान गार्ड दिया गया। अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने KC-30A मल्टीरोल ट्रांसपोर्ट और टैंकर एयरक्राफ्ट (MRTT) पर एक लाइव एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग डेमोंस्ट्रेशन देखा, जिसमें F-35 विमान को ईंधन भरा गया। यह प्रदर्शन पिछले वर्ष हस्ताक्षरित एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग समझौते के तहत बढ़ती परिचालन क्षमता का उदाहरण था।-(PIB)