रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने HQ IDS के 25वें स्थापना दिवस पर दीं शुभकामनाएं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (HQ IDS) के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर सभी रैंकों और रक्षा नागरिक कर्मियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा कि पिछले 25 साल से एचक्यू आईडीएस भारत की रक्षा योजना और परिचालन तालमेल में संयुक्तता की खोज का प्रतीक रहा है, जो सशस्त्र बलों और उच्च रक्षा प्रबंधन के बीच एक सेतु के रूप में काम करता है।

एचक्यू आईडीएस की उपलब्धियों की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इसने त्रि-सेवा संरचनाओं को सुव्यवस्थित करने, संयुक्त सिद्धांतों को बढ़ावा देने और भागीदार देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इससे उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत की तैयारियों को और बल मिला है।”

उन्होंने पोस्ट में लिखा, “एचक्यू आईडीएस नवाचार, स्वदेशीकरण और भविष्य की क्षमता विकास को प्रोत्साहन देने में एक प्रेरक शक्ति रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।”

इस ऐतिहासिक अवसर पर राजनाथ सिंह ने टीम आईडीएस के व्यावसायिकता और समर्पण को सलाम किया। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि यह टीम भारत की रक्षा को और अधिक एकीकरण, आधुनिकीकरण और परिचालन उत्कृष्टता की ओर ले जाती रहेगी।

हेडक्वार्टर इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (Headquarters Integrated Defence Staff) की स्थापना 1 अक्टूबर 2001 को हुई। हेडक्वार्टर आईडीएस सशस्त्र बलों में संयुक्तता और एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक स्थायी संस्थान के रूप में संकल्पित साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों के लिए त्रि-सेवा तालमेल के आधार के रूप में उभरा है, जो भारत की एकीकृत सैन्य तैयारियों को आकार देने में एक प्रमुख प्रवर्तक है।

मुख्यालय आईडीएस ने सालों से इस प्रक्षेप पथ को जारी रखा है और नए संयुक्त सैन्य ढांचों के निर्माण में सहयोग दिया है व एकीकृत त्रि-स्तरीय सेवा तंत्र स्थापित करने के उद्देश्य से पहलों में योगदान दिया। हेडक्वार्टर आईडीएस ने क्षमता विकास में तीनों सेनाओं के रोडमैप को सुगम बनाया है और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण के अनुरूप, स्वदेशी समाधानों को गति देने के लिए राष्ट्रीय अनुसंधान संगठनों व उद्योग भागीदारों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। (इनपुट-आईएएनएस)