दिल्ली कैबिनेट ने ईवी पॉलिसी 2026 को दी मंजूरी, 1 जुलाई से होगी लागू

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दिल्ली ईवी पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह नीति 1 जुलाई से लागू होगी और 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इसका उद्देश्य जीरो एमिशन वाहनों को बढ़ावा देकर राजधानी को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ परिवहन वाली स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना है।

15,000 करोड़ रुपए के लाभ का दावा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगले चार वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 7,000 करोड़ रुपए से अधिक का प्रत्यक्ष सरकारी निवेश किया जाएगा। इसके अलावा ईवी उपयोगकर्ताओं को 8,000 करोड़ रुपए की टैक्स छूट और विभिन्न प्रोत्साहन दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर नागरिकों को लगभग 15,000 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह नीति उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की औपचारिक मंजूरी के बाद लागू होगी।

रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% छूट

नई नीति के तहत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 30 लाख रुपए तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले वाहन इस लाभ के पात्र होंगे।

सभी श्रेणी के वाहनों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया, हल्के मालवाहक ट्रक और ग्रामीण सेवा वाहनों समेत सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देना है।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्क्रैपिंग पर भी फोकस

रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी विशेष ध्यान देती है। उन्होंने कहा, “सब्सिडी की व्यवस्था इस तरह तैयार की गई है कि पारंपरिक वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के बीच लागत का अंतर कम किया जा सके।”

मंत्रियों को दी बधाई

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री पंकज कुमार सिंह, आशीष सूद और मंजिंदर सिंह सिरसा को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने सभी हितधारकों के सुझावों को शामिल कर शहर के परिवहन तंत्र में सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं।

वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने का लक्ष्य

दिल्ली सरकार द्वारा समर्थित एक अध्ययन के अनुसार, राजधानी में वाहनों से होने वाले कुल प्रदूषण का 33% हिस्सा वाणिज्यिक वाहनों से और 46% हिस्सा दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों से आता है। नई ईवी नीति का उद्देश्य इन श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाकर प्रदूषण में कमी लाना है। (इनपुट: आईएएनएस)