दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति को लेकर आम जनता की चिंताओं को दूर कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेट्रोल और डीजल वाहन मालिकों को बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नई नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “कोई भी नई व्यवस्था एकदम से लागू नहीं होती। हम इसे धीरे-धीरे लागू करेंगे ताकि आम लोगों पर कोई अनावश्यक बोझ न पड़े।”
सरकार की साफ स्थिति:
– जिन लोगों के पास पहले से पेट्रोल या डीजल वाहन हैं, वे अपनी गाड़ी का उपयोग तब तक कर सकते हैं, जब तक उसकी वैध आयु (लाइफ स्पैन) पूरी नहीं हो जाती।
– कोई भी वाहन अचानक बंद नहीं किया जाएगा।
चरणबद्ध लागू होने वाली EV नीति:
– 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा। पुराने पेट्रोल/डीजल ऑटो पहले की तरह चलते रहेंगे।
– अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहनों (टू-व्हीलर) का रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का ही होगा। पुराने पेट्रोल/डीजल स्कूटर-मोटरसाइकिल अपने निर्धारित समय तक चल सकेंगे।
मुख्यमंत्री का आश्वासन
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि दिल्ली के प्रदूषण को कम करने और शहर को स्मार्ट एवं स्वच्छ मोबिलिटी की ओर ले जाने के लिए बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि सरकार इस क्षेत्र में लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। चरणबद्ध तरीके से बदलाव करने से यह निवेश प्रभावी होगा और लोगों को सब्सिडी, बेहतर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे इस बदलाव को सकारात्मक रूप से लें और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में सक्रिय भागीदारी करें। (इनपुट-एजेंसी)


