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देश के सभी राज्यों और उनके नेटवर्क में उन्नत 3डी लेजर-आधारित प्रणालियों से लैस नेटवर्क सर्वे वाहनों की तैनाती: केंद्र

भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के लिए, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सभी राज्यों और उनके नेटवर्क में उन्नत 3डी लेजर-आधारित प्रणालियों से लैस नेटवर्क सर्वे वाहनों (Network Survey Vehicle, NSV) की तैनाती की घोषणा की है।

राष्ट्रीय राजमार्गों पर तैनात ये अत्याधुनिक वाहन मात्र सर्वेक्षण मशीनें नहीं हैं। ये सड़क की गुणवत्ता के डिजिटल संरक्षक हैं। सड़क के हर हिस्से को स्कैन करके, नेटवर्क सर्वे व्हीकल सड़क की स्थिति और सतह की जानकारी एकत्र करते हैं, गड्ढों और पैच में मौजूद खामियों की पहचान करते हैं।

देश के व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों पर एक सुहावनी सुबह, एक आकर्षक सफेद गाड़ी आगे बढ़ती है – न तो पुलिस की गाड़ी, न ही रखरखाव ट्रक, बल्कि कुछ कहीं अधिक भविष्यवादी। इसकी छत पर लगे स्कैनर अदृश्य किरणें छोड़ते हैं, उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले कैमरे धीरे से चलते हैं और उन्नत 3डी लेजर सेंसर सड़क के हर इंच का मानचित्रण शुरू कर देते हैं।

दरअसल, यह नेटवर्क सर्वे व्हीकल (एनएसवी) है – लेजर प्रोफाइलर, जीपीएस और अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक से लैस एक नवाचार। हर चक्कर में, यह सड़क की सतह पर दरारें, गड्ढे और असमानता की जांच करता है, जिससे राजमार्ग जीवंत डिजिटल मानचित्रों में बदल जाते हैं। देखने में यह एक साधारण ड्राइव लगती है, लेकिन वास्तव में यह भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों की निगरानी, ​​रखरखाव और सुरक्षा के तरीके में एक क्रांति है।

3डी-लेजर तकनीक को अपनाना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की जनहित में नवाचार का लाभ उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल राजमार्ग रखरखाव में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है, जिससे न केवल खामियों का पता लगाया जा सकेगा बल्कि उन्हें शीघ्रता से ठीक भी किया जा सकेगा, जिससे लाखों यात्रियों के लिए सुगम और सुरक्षित यात्राएं सुनिश्चित होंगी।

जो काम पहले महीनों लगते थे, वह अब कुछ ही दिनों में पूरा हो जाएगा – जिससे सड़कें अधिक सुरक्षित होंगी, खामियां तेजी से ठीक होंगी और सभी संबंधित पक्षों के बीच पारदर्शी संचार सुनिश्चित होगा।