SEMICON India 2026 पर जर्मनी के डिप्टी एनवॉय ने कहा- “पार्टनरशिप को मजबूत करने का बहुत अच्छा मौका”

जर्मनी के दूतावास में डिप्टी हेड ऑफ मिशन जॉर्ज एन्ज़वीलर ने गुरुवार को SEMICON India 2026 को सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक “महत्वपूर्ण मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन जर्मन और भारतीय कंपनियों के बीच साझेदारी को मजबूत करने का “बहुत अच्छा मौका” प्रदान करता है। एन्ज़वीलर ने SEMICON India के पांचवें संस्करण में जर्मन कंपनियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और जैसा कि सभी जानते हैं, यह सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए मीटिंग और नेटवर्किंग की जगह है। हमें बहुत खुशी है कि यहां कई जर्मन कंपनियां मौजूद हैं और वे इस क्षेत्र में भारतीय व्यवसायों के साथ पार्टनरशिप कर रही हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए मुझे लगता है कि पार्टनरशिप को मजबूत करने और इसे अगले चरण पर ले जाने का यह बहुत अच्छा मौका है।”

पीएम मोदी ने ग्लोबल सप्लाई चेन पर दिया जोर

इन टिप्पणियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SEMICON India 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत बड़े संरचनात्मक सुधारों के जरिए मजबूत ग्लोबल सप्लाई नेटवर्क बनाने पर जोर दे रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सेमीकंडक्टर लीडर्स और इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स से देश के हाई-टेक इकोसिस्टम में उभरते अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब हमारे जैसा देश किसी अहम इंडस्ट्री में सफल होता है, तो यह ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करता है—यह बात ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो गई है जब सप्लाई चेन का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जा रहा है। हमें भारत में हो रहे इन बदलावों को इसी व्यापक नजरिए से देखना चाहिए।” उन्होंने बताया कि सेमीकंडक्टर उद्योग कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और दुनिया को नए व भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग हब की जरूरत है। पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत इस भूमिका के लिए लगातार खुद को तैयार कर रहा है और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए कई सुधार लागू किए हैं।

कंपाउंड सेमीकंडक्टर और टैलेंट डेवलपमेंट

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एंड-टू-एंड चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली के लिए भारत को आकर्षक हब बनाने हेतु बड़े पैमाने पर नीतिगत सुधार किए गए हैं। उन्होंने उल्लेख किया, “अलग-अलग तरह के कंपाउंड सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग से लेकर इकोसिस्टम में सिलिकॉन फोटोनिक्स को शामिल करने तक, ये सभी एआई-इनेबलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी हैं। इसके लिए जरूरी नींव पहले ही रखी जा चुकी है।” इक्विपमेंट कंपनियों के लीडर्स से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे इन अवसरों को न चूकें। सरकार ने सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक लाख इंजीनियरिंग छात्रों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है और 70,000 से अधिक को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। युवाओं से भी आह्वान किया गया कि वे भारत में उन्नत तकनीक के विकास में शामिल हों।

ब्रिक्स घोषणापत्र और वैश्विक विश्वसनीयता

पीएम मोदी ने हालिया ब्रिक्स समिट में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को आम सहमति से अपनाए जाने को भारत की बढ़ती वैश्विक विश्वसनीयता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा, “भारत ने ब्रिक्स समिट को सफलतापूर्वक संपन्न किया। सभी के समर्थन से नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाना भारत की ग्लोबल विश्वसनीयता का एक और सबूत है। और इतनी बड़ी उपलब्धियों के बीच SEMICON इंडिया का आयोजन एक और अहम पड़ाव है।” 

ज्ञात हो, SEMICON India 2026 का पांचवां संस्करण 17 से 19 सितंबर तक दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ थीम पर आयोजित किया जा रहा है। (इनपुट-एजेंसी)