देश में हवाई सफ़र को तेज़, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव दिख रहा है। डिजी यात्रा को अब तक 7.61 करोड़ से अधिक बार यात्रियों द्वारा उपयोग किया जा चुका है, और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोमवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि सरकार इसे आने वाले समय में देश के सभी एयरपोर्ट्स पर चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी में है।
अब तक 1.86 करोड़ से ज्यादा लोग डिजी यात्रा ऐप डाउनलोड कर चुके हैं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री बताया कि डिजी यात्रा की वजह से यात्रियों को विभिन्न चेकपॉइंट्स पर लगभग 50% समय की बचत होती है। चेहरा पहचान आधारित डिजिटल प्रक्रिया यात्रियों को सीधे आगे बढ़ने में मदद करती है, जिससे एयरपोर्ट्स पर भीड़ और प्रतीक्षा समय में उल्लेखनीय कमी आई है।
एक दिसंबर, 2022 को तीन हवाईअड्डों- नई दिल्ली, वाराणसी और बेंगलुरु पर पहली बार डिजी यात्रा सुविधा की शुरुआत हुई थी। यह सुविधा वर्तमान में देश के 24 हवाई अड्डों पर उपलब्ध है, और यात्रियों को हर स्तर पर इसका लाभ मिल रहा है।
दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोचीन, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पुणे, वाराणसी, विजयवाड़ा, गोवा (MOPA), चेन्नई, विशाखापट्टनम, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, डाबोलिम, इंदौर, बागडोगरा, रांची, पटना और रायपुर जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स पर डिजी यात्रा ने हवाई सफ़र के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। डिजिटल इंडिया की इस पहल ने साबित किया है कि हवाई सफ़र अब अधिक तेज़, सुरक्षित और झंझट रहित बन रहा है।


