इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा विकसित राष्ट्रीय ब्लॉकचेन फ्रेमवर्क (NBF), जिसे सितंबर 2024 में ₹64.76 करोड़ के बजट के साथ लॉन्च किया गया था, भारत के डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत कर रहा है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, जो बिचौलिए के बिना भरोसे और पारदर्शिता को संभव बनाती है, अब केंद्रीयकृत डेटाबेस में होने वाली गलतियों, धोखाधड़ी और पारदर्शिता की कमी जैसी चुनौतियों का समाधान कर रही है। NBF का उद्देश्य सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशलता लाना है।
फ्रेमवर्क के मुख्य घटक विश्वस्य ब्लॉकचेन स्टैक, NBF-लाइट, प्रामाणिक, और नेशनल ब्लॉकचेन पोर्टल हैं। विश्वस्य स्टैक एक स्वदेशी और मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म है जो NIC के भुवनेश्वर, पुणे और हैदराबाद डेटा सेंटरों में तैनात है, जो सरकारी संस्थाओं को ब्लॉकचेन-एप्लिकेशन बनाने का आधार प्रदान करता है। वहीं, NBF-लाइट स्टार्टअप्स और शिक्षाविदों को इनोवेशन और प्रयोग के लिए एक नियंत्रित माहौल (Sandbox) देता है, जबकि प्रामाणिक मोबाइल एप्लीकेशनों की सत्यता को सत्यापित करने के लिए ब्लॉकचेन का उपयोग करता है।
NBF के तहत ब्लॉकचेन-आधारित प्रणालियों को सर्टिफिकेट, दस्तावेज़, लॉजिस्टिक्स, न्यायपालिका और संपत्ति जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनाया जा रहा है। इसका एक बड़ा उदाहरण यह है कि 21 अक्टूबर 2025 तक, इस प्लेटफॉर्म पर 34 करोड़ से ज़्यादा दस्तावेज़ों (जिसमें 34 करोड़ संपत्ति दस्तावेज़ भी शामिल हैं) का सुरक्षित सत्यापन किया जा चुका है। इसके अलावा, RBI डिजिटल रुपये (e₹) के पायलट प्रोजेक्ट और TRAI दूरसंचार में DLT के उपयोग जैसे नियामक प्रयास भी इस टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे रहे हैं। ये पहलें, MeitY के क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के साथ मिलकर, भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता (Aatmanirbharta) और समावेशी विकास के लिए एक वैश्विक नेतृत्वकर्ता बना रही हैं।
-(पीआईबी)


