केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को विशाखापत्तनम में गूगल द्वारा एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब स्थापित करने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के सपने के साथ मेल खाती है और इससे भारत और अमेरिका दोनों को बड़ा आर्थिक और सामाजिक फायदा मिलेगा, साथ ही AI के क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ेगी।
यह घोषणा आगामी ‘इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के प्री-इवेंट, ‘भारत AI शक्ति’ में की गई।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, “यह डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे ‘इंडिया AI मिशन’ के लक्ष्यों को पूरा करने में बहुत आगे तक जाएगा। AI सेवाएँ हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक नई श्रेणी के रूप में उभर रही हैं, और यह सुविधा हमारे युवाओं को AI सेवाओं के लिए तैयार करने में मदद करेगी।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया कि उन्होंने हर क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का उपयोग करने का विज़न दिया।
मंत्री ने उद्योग जगत से यह भी आग्रह किया कि वे IT पेशेवरों को बड़े पैमाने पर री-स्किल और अप-स्किल करने में मदद करें। उन्होंने गूगल को धन्यवाद दिया कि उन्होंने इसे अपने एजेंडे का एक बड़ा हिस्सा बनाया है।
यह नया AI हब गूगल के पूरे AI स्टैक (AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर क्षमता, बड़े ऊर्जा स्रोत और ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क) को एक साथ लाएगा। गूगल ने अगले पाँच वर्षों (2026-2030) में लगभग 15 बिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बनाई है, जो भारत में उसका अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।
गूगल द्वारा कराए गए एक विश्लेषण के अनुसार, इस AI हब से अगले पाँच वर्षों में अमेरिकी GDP में कम से कम 15 बिलियन डॉलर का इजाफा होने की उम्मीद है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि यह परियोजना “भारत की डिजिटल बदलाव की यात्रा में एक नया अध्याय” है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आंध्र प्रदेश भारत के पहले गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर और गूगल के पहले AI हब की मेज़बानी कर रहा है।
गूगल क्लाउड के CEO थॉमस कुरियन ने इस AI हब को “भारत के डिजिटल भविष्य में एक ऐतिहासिक निवेश” बताया। उन्होंने कहा कि यह हब व्यवसायों को तेज़ी से इनोवेशन करने और समावेशी विकास के अवसर पैदा करने में मदद करेगा।


