पीयूष गोयल और चिली के विदेश मंत्री के बीच व्यापार व निवेश सहयोग पर चर्चा

चिली गणराज्य के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत और चिली के बीच आर्थिक तथा वाणिज्यिक सहयोग को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से भारत का दौरा किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और व्यापक आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

पीयूष गोयल और चिली के विदेश मंत्री के बीच अहम वार्ता

यात्रा के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने चिली के विदेश मंत्री फ्रांसिस्को पेरेज मैककेना के साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को और गहरा करने पर बातचीत की। दोनों पक्षों ने भारत-चिली आर्थिक संबंधों में लगातार हो रही प्रगति पर संतोष जताया और व्यापारिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

सीईपीए के शीघ्र समापन पर जोर

चर्चा का मुख्य केंद्र भारत और चिली के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) रहा। दोनों देशों ने माना कि सीईपीए से द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता सामने आएगी और व्यापार व निवेश को नई गति मिलेगी। इस दौरान समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए प्रयास तेज करने पर सहमति बनी।

व्यापार सुगमता और बाजार पहुंच पर चर्चा

वाणिज्य सचिव ने चिली सरकार में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध उप मंत्री पाउला एस्टेवेज के साथ अलग बैठक भी की। इस बैठक में सीईपीए से जुड़े मुद्दों के अलावा व्यापार सुगमता, बाजार पहुंच, निवेश प्रोत्साहन और संस्थागत आर्थिक सहयोग को मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

नई दिल्ली में आयोजित हुआ भारत-चिली व्यापार सम्मेलन

नई दिल्ली में आयोजित भारत-चिली व्यापार सम्मेलन में दोनों देशों के प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों और व्यापारिक हितधारकों ने भाग लिया। सम्मेलन में महत्वपूर्ण खनिज, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि व्यवसाय, अवसंरचना, फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल सेवाएं, लॉजिस्टिक्स और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

मजबूत पूरकता और सतत विकास पर जोर

दोनों देशों ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत पूरकता को रेखांकित किया और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, सतत विकास तथा निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

भारत और चिली के बीच लंबे समय से आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और बढ़ते आर्थिक सहयोग पर आधारित मजबूत संबंध रहे हैं। इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच भविष्योन्मुखी आर्थिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान की है। (इनपुट: पीआईबी)