भारत और स्विट्जरलैंड के बीच फार्मा सेक्टर में निवेश बढ़ाने को लेकर हुई चर्चा

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने स्विट्जरलैंड की आर्थिक मामलों की राज्य सचिव हेलिन बुडलिगर आर्टिएडा के साथ एक बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस बैठक में स्विस फार्मा और बायोटेक कंपनियों के साथ बातचीत की गई।

चर्चा में आरएंडडी सहयोग मजबूत करने और भारत के हेल्थकेयर क्षेत्र का लाभ लेकर स्विस फार्मा कंपनियों के निवेश अवसर बढ़ाने पर जोर दिया

 केंद्रीय मंत्री गोयल ने इस बैठक को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हमारी चर्चा आरएंडडी में सहयोग को मजबूत करने और भारत के मजबूत हेल्थकेयर सेक्टर का लाभ उठाते हुए स्विस फार्मा कंपनियों के लिए निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर थी।” उन्होंने बताया कि इस चर्चा में आपसी विकास के लिए प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) के तहत हुई प्रगति भी शामिल रही। 

टीईपीए में 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगारों के सृजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है

केंद्र के एक बयान के अनुसार, भारत और ईएफटीए ने 10 मार्च 2024 को व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो चुका है। यह भारत का 4 विकसित यूरोपीय राष्ट्रों के साथ पहला मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है। ईएफटीए आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड का एक अंतर-सरकारी संगठन है। टीईपीए में 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगारों के सृजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। 

EFTA भारतीय निर्यात का 99% कवर करता है, जबकि भारत 82.7% EFTA निर्यात पर संरक्षण देकर डेयरी-कृषि सेक्टर सुरक्षित रखता है

ईएफटीए भारतीय निर्यात का 99 प्रतिशत, जो कि टैरिफ लाइन का 92.2 प्रतिशत है, को कवर करता है। जबकि भारत 82.7 प्रतिशत, जो कि ईएफटीए के निर्यात का 95.3 प्रतिशत कवर करता है, जिससे डेयरी, सोया, कोल और कृषि जैसे सेक्टर्स का संरक्षण होगा।

भारत-स्विट्जरलैंड ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने और भारत-EFTA के बीच हस्ताक्षरित टीईपीए समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा केंद्रित की

इससे पहले इस वर्ष 9-10 जून को केंद्रीय मंत्री गोयल ने स्विटजरलैंड की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की। इस यात्रा के दौरान भारत-स्विटजरलैंड आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने और इस वर्ष की शुरुआत में भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच हस्ताक्षरित व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) को क्रियान्वित करने पर ध्यान दिया गया था। मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्री गोयल ने बायोटेक और फार्मा, हेल्थकेयर, इंजीनियरिंग, डिफेंस और उभरती टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्विस उद्योग के लीडर्स के साथ विस्‍तृत चर्चा की थी।(इनपुट-आईएएनएस)

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