बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार को ढाका में बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्री खांडकर अब्दुल मुक्तादिर से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया।
ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच X पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि उच्चायुक्त ने दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार और निवेश को आगे बढ़ाने में कारोबार और निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। बैठक में दोनों देशों के साझा हित और पारस्परिक लाभ से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में लोगों के बीच मजबूत संपर्क को भारत-बांग्लादेश संबंधों की स्थायी नींव बताया गया। दोनों देशों के कारोबारी समुदायों, पेशेवरों और आम लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बातचीत में सीमा पार व्यापार को आसान बनाने और द्विपक्षीय वाणिज्य बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। इसमें सीमा हाट फिर से खोलने, भूमि बंदरगाहों को पूरी तरह सक्रिय करने और जमीनी मार्गों से यार्न के आयात पर लगी पाबंदियों को आसान बनाने जैसे मुद्दे शामिल रहे।
मुक्तादिर ने सोमवार को भारतीय उच्चायुक्त के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा था कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 13 अरब डॉलर का है, लेकिन पिछले डेढ़ साल में कई बाधाओं के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि बैठक में मौजूदा समस्याओं और भविष्य में दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को अधिक आसान और प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
बांग्लादेशी मंत्री के अनुसार, चीन के बाद भारत बांग्लादेश का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत और बांग्लादेश के कारोबारी प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त कार्यबल गठित करने का प्रस्ताव भी रखा।
मुक्तादिर ने कहा कि डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार नए निवेश अवसर पैदा करने, कारोबारी संबंधों को विस्तार देने और द्विपक्षीय व्यापार को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय उच्चायुक्त की पहल से दोनों देशों के संबंधों को मजबूती मिलेगी और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी।
वहीं, भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक मतभेदों के बावजूद दोनों देशों के लोग विकास और प्रगति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि खासकर युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करने की जरूरत है।
त्रिवेदी ने जोर देकर कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं तथा दोनों में कोई बड़ा या छोटा नहीं है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय सहयोग समानता के आधार पर होना चाहिए।
उन्होंने आर्थिक सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की कुंजी बताते हुए कहा कि मजबूत आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के बीच अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का रास्ता तैयार कर सकती है।
-IANS


