विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने लक्ज़मबर्ग के साथ व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग को बताया रिश्तों का केंद्र

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत और लक्ज़मबर्ग के रिश्तों में व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग सबसे अहम हैं। उन्होंने लक्ज़मबर्ग के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ज़ेवियर बेटेल का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया।

बैठक में स्पेस, डिजिटल, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर रहा जोर

बेटेल लक्ज़मबर्ग के अर्थव्यवस्था मंत्री के साथ आधिकारिक दौरे पर भारत आए हैं। डॉ. एस जयशंकर ने उनके साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने इस साल की शुरुआत में लक्ज़मबर्ग की अपनी यात्रा को याद करते हुए उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष अपनी बातचीत को और आगे बढ़ाएंगे। विदेश मंत्री ने कहा, “हमारे रिश्तों की बात करें तो व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग इसके केंद्र में हैं, लेकिन इसके अलावा आज हम अंतरिक्ष, डिजिटल और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रहे हैं।”

स्वास्थ्य सहयोग और कोविड काल किया याद

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग पर भी जोर दिया और कोविड-19 महामारी के दौरान दोनों देशों के बीच हुए “बहुत महत्वपूर्ण सहयोग” को याद किया। उन्होंने भारत-लक्ज़मबर्ग संबंधों को “बहुत भरोसेमंद रिश्ता” बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने काफी प्रगति की है और सहयोग को और गहरा करने का भरोसा है, खासकर सप्लाई चेन की मजबूती और विविधता लाने के मामले में। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इन क्षेत्रों का महत्व उन्होंने रेखांकित किया।

भारत-EU FTA पर लक्ज़मबर्ग के समर्थन का धन्यवाद

विदेश मंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए लक्ज़मबर्ग के समर्थन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इसके मंजूर होने से साझेदारी के लिए “नई संभावनाएं” खुलेंगी। डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “यूरोप के साथ, और अब भविष्य में मुक्त व्यापार समझौते के मंजूर होने की संभावना के साथ, मुझे लगता है कि सचमुच नई संभावनाएं खुल रही हैं।” उन्होंने FTA के लिए लक्ज़मबर्ग के “बहुत मजबूत समर्थन” का धन्यवाद दिया और बताया कि समझौता एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर चुका है तथा अब लागू होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

बैठक में मौजूद अधिकारी और दौरे का एजेंडा

बैठक में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और बेल्जियम, लक्ज़मबर्ग तथा यूरोपीय संघ में भारत के राजदूत प्रणय वर्मा भी मौजूद थे। बेटेल 7 से 9 सितंबर तक भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। लक्ज़मबर्ग के उप-प्रधानमंत्री चेन्नई का भी दौरा करेंगे, जहां वे IIT मद्रास में कार्यक्रमों में शामिल होंगे और एक नए SES कैंपस का उद्घाटन करेंगे। यह बैठक भारत-लक्ज़मबर्ग साझेदारी को व्यापार से आगे कई नए क्षेत्रों में ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई। (इनपुट-एजेंसी)

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