नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन (एआईएम) ने अपनी क्षेत्रीय ‘संवाद’ श्रृंखला के तहत भुवनेश्वर के ओ-हब में ‘एआईएम संवाद-ईस्ट चैप्टर 2026’ का आयोजन किया। सम्मेलन में सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत और स्टार्टअप इकोसिस्टम के प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य पूर्वी भारत में नवाचार आधारित विकास को गति देने और क्षेत्रीय सहयोग के जरिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार करना था। इस अवसर पर एआईएम-ओडिशा चैप्टर का भी शुभारंभ किया गया।
एआईएम-ओडिशा चैप्टर की शुरुआत
सम्मेलन के दौरान लॉन्च किए गए एआईएम-ओडिशा चैप्टर के माध्यम से राज्य के अटल इनक्यूबेशन केंद्र (एआईसी) और अटल सामुदायिक नवाचार केंद्र (एसीआईसी) को एक साझा मंच पर लाया गया। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न इनक्यूबेटरों के बीच कार्यक्रमों, अवसंरचना, मार्गदर्शकों, निवेशकों, रणनीतिक साझेदारों और अन्य संसाधनों की साझा पहुंच सुनिश्चित करना है, जिससे स्टार्टअप्स को अधिक अवसर मिलेंगे और ओडिशा का नवाचार इकोसिस्टम और मजबूत होगा।
पूर्वी भारत की बढ़ती भूमिका पर जोर
उद्घाटन सत्र में ओडिशा सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अपर मुख्य सचिव चित्रा अरुमुगम ने मुख्य संबोधन दिया। उन्होंने राष्ट्रीय नवाचार परिदृश्य में पूर्वी भारत की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए सहयोगात्मक इकोसिस्टम, संस्थागत साझेदारी और नीति आधारित हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण हैं।
‘विकसित भारत’ के विजन को मिल रही गति
नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवाचार को विकसित भारत की आधारशिला के रूप में देखा है। उन्होंने कहा कि अटल नवाचार मिशन महानगरीय क्षेत्रों से आगे बढ़कर देश के विभिन्न हिस्सों में नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत कर रहा है। उनके अनुसार, ‘एआईएम संवाद’ जैसे मंच संस्थानों, इनक्यूबेटरों, उद्यमियों और सरकारों को साथ लाकर स्थानीय क्षमताओं को बढ़ावा देने और नवाचार आधारित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
चार राज्यों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम प्रमुख प्रमित दाश ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए पूर्वी भारत में उद्यमिता, नवाचार और सतत आर्थिक विकास के लिए क्षेत्रीय साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। सम्मेलन में ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अटल इनक्यूबेशन केंद्रों तथा अटल सामुदायिक नवाचार केंद्रों ने सक्रिय भागीदारी की। इससे क्षेत्रीय सहयोग और परस्पर जुड़े नवाचार इकोसिस्टम को मजबूती मिली।
स्टार्टअप इकोसिस्टम पर हुई व्यापक चर्चा
पूरे दिन चले सम्मेलन में ‘पूर्वोदय – उभरते क्षेत्रों के लिए एक इकोसिस्टम का निर्माण’ विषय पर नीतिगत ब्रीफिंग, उद्योग संवाद, इकोसिस्टम संबंधी चर्चाएं और विषयगत सत्र आयोजित किए गए। इनमें राज्यों के स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने, सहयोगात्मक नवाचार को बढ़ावा देने, आकांक्षी जिलों में जमीनी स्तर की उद्यमिता को प्रोत्साहित करने तथा खनन, जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान जैसे उच्च विकास वाले क्षेत्रों में अवसरों के विस्तार पर चर्चा हुई।
क्षेत्रीय सहयोग को मिल रही नई दिशा
उत्तर, दक्षिण, मध्य और पूर्वी भारत में सफल आयोजनों के बाद ‘एआईएम संवाद’ पहल नीति निर्माताओं, इनक्यूबेटरों, उद्योग जगत और उद्यमियों को एक साझा मंच पर जोड़ रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय क्षमताओं पर आधारित सशक्त नवाचार इकोसिस्टम तैयार करना है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। (इनपुट: पीआईबी)


