सरकार ने लोकसभा में बताया कि ग्रीन इंडिया मिशन (जीआईएम) के तहत 2015-16 से अब तक 17 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 1.84 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को इको-रिस्टोरेशन यानी पर्यावरण बहाली के दायरे में लाया गया है।
पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन के अंतर्गत मंजूर गतिविधियों के लिए सात राज्यों – छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम और उत्तर प्रदेश – को अब तक 57.08 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
जलवायु परिवर्तन कार्य योजना का अहम हिस्सा
ग्रीन इंडिया मिशन जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) के तहत नौ मिशनों में से एक है। इसका उद्देश्य एकीकृत भू-दृश्य दृष्टिकोण (इंटीग्रेटेड लैंडस्केप अप्रोच) के जरिए खराब हो चुके वन और गैर-वन इलाकों को फिर से ठीक करना है। राज्य मंत्री ने कहा कि जीआईएम के तहत पेड़ लगाने और उनके रखरखाव का काम स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से किया जाता है। इनमें जॉइंट फॉरेस्ट मैनेजमेंट कमेटियां, विलेज फॉरेस्ट कमेटियां और अन्य समुदाय-आधारित संगठन शामिल हैं। यह कार्य मंजूर सालाना कार्य योजना के अनुसार संपन्न होता है।
नगर वन योजना से शहरों में हरियाली बढ़ाने का प्रयास
कीर्ति वर्धन सिंह ने आगे बताया कि पर्यावरण मंत्रालय शहरी इलाकों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरणीय लाभ पहुंचाने के लिए ‘नगर वन योजना’ भी लागू कर रहा है। इस योजना के तहत 2020-21 से 2026-27 के बीच 600 नगर वन और 400 नगर वाटिका विकसित किए जाने हैं। उम्मीद है कि नगर वन हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। इनसे ऐसी पारिस्थितिकीय संपत्तियां तैयार होंगी, जो हवा की गुणवत्ता सुधारने और स्थानीय जलवायु (माइक्रो-क्लाइमेट) को बेहतर बनाने में मदद करेंगी। (इनपुट-एजेंसी)


