इजराइल और हमास के साथ नए दौर की वार्ता की मेजबानी करेगा मिस्र

इज़राइल ने रविवार को कहा कि उसने दक्षिणी गाजा से और अधिक सैनिकों को वापस बुलाते हुए केवल एक ब्रिगेड छोड़ी है। इजराइल ने कहा कि उसने और हमास 6 माह से जारी संघर्ष में संभावित युद्धविराम पर ताजा बातचीत के लिए मिस्र में टीम को भेजा है।

अमेरिका का इज़राइल पर बढ़ रहा दबाव

अमेरिका से उस पर दबाव बढ़ रहा है साल की शुरुआत से ही गाजा में सैनिकों की संख्या कम कर रहा है और मानवीय स्थिति में सुधार करने के लिए अपने सहयोगी अमेरिका से उस पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर पिछले हफ्ते 7 सहायता कर्मियों की हत्या के बाद। सैन्य प्रवक्ता ने सैनिकों को वापस बुलाने के कारणों या इसमें शामिल संख्या के बारे में विवरण नहीं दिया लेकिन रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा कि सैनिक गाजा में भविष्य के अभियानों के लिए तैयारी करेंगे। इज़राइल और हमास दोनों ने पुष्टि की कि वे मिस्र में प्रतिनिधिमंडल भेज रहे हैं। हमास युद्ध को ख़त्म करने और इज़राइली सेना की वापसी के लिए समझौता चाहता है। इज़राइल ने कहा कि किसी भी युद्धविराम के बाद, वह हमास को उखाड़ फेंकेगा जिसने उसके विनाश की शपथ ली है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे नहीं झुकेंगे

वहीं, इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि बंधकों की रिहाई के बिना कोई समझौता नहीं होगा और वह अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। हमास का कहना है कि एक समझौते में गाजा पट्टी के पार निवासियों की आवाजाही की स्वतंत्रता शामिल होनी चाहिए।

इजराइली हमले में 33,100 से अधिक फलस्तीनी मारे गए

इज़राइली आंकड़ों के अनुसार हमास के 7 अक्टूबर के हमले के दौरान 250 से अधिक बंधकों को पकड़ लिया गया और लगभग 1,200 लोग मारे गए। गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइली हमले में 33,100 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं। गाजा में अभी भी करीब 130 बंधकों को बंधक बनाकर रखा गया है।

सैन्य बलों को वापस बुलाया जा रहा है

एन्क्लेव से सेना की वापसी के बारे में पूछे जाने पर इज़राइल के जनरल स्टाफ के प्रमुख हर्ज़ी हलेवी ने संवाददाताओं से कहा कि सेना लंबे युद्ध के अनुरूप ढल रही है। अपने कार्यालय के एक बयान के अनुसार गैलेंट ने सैन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में कहा कि सैन्य बलों को वापस बुलाया जा रहा है और वे अपने अगले मिशन की तैयारी कर रही है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस ने कहा- गाजा में तत्काल कार्यवाही की जरूरत

गौरतलब हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मिशन ने गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफा का दौरा कर वहां की ताजा स्थिति का जायजा लिया। मिशन ने पाया कि कभी स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ रहा यह सबसे बड़ा अस्पताल खाक में बदल चुका है और वहां कई शव पड़े मिले।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनहोम गेब्रेयासिस ने एक्स पर अस्पताल के हालात की जानकारी देते हुए बताया है कि डब्ल्यूएचओ और उसके सहयोगी अल-शिफा पहुंचने में कामयाब रहे जो कभी गाजा के स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ था। टेड्रोस ने अफसोस व्यक्त करते हुए कहा है कि पिछले साल अस्पताल पर इजराइल के पहले हमले के बाद अल-शिफा में बुनियादी सेवाओं को पुनर्जीवित करने के डब्ल्यूएचओ और अन्य सहायता समूहों द्वारा किए गए प्रयास बेकार हो गए हैं और लोग एक बार फिर जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हो गए हैं। टेड्रोस ने कहा कि गाजा में तत्काल कार्यवाही की जरूरत है क्योंकि अकाल मौत का खतरा मंडरा रहा है, बीमारी फैल रही है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, गाजा के 36 मुख्य अस्पतालों में से केवल 10 आंशिक रूप से कार्य कर रहे हैं।

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